Garhwa Staff Suspended, गढ़वा (अविनाश की रिपोर्ट): गढ़वा जिला प्रशासन ने सरकारी सेवा में अनुशासनहीनता और गरिमा के उल्लंघन के मामले में बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है. केतार प्रखंड और अंचल कार्यालय में कार्यरत तीन कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिनेश यादव ने यह कार्रवाई 9 अप्रैल 2026 को कार्यालय समय में शराब के नशे में पहुंचने और वहां काम से आए ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज व बदसलूकी करने के गंभीर आरोपों के बाद की है.
निलंबित कर्मियों की सूची और बदले गए मुख्यालय
प्रशासन की गाज जिन तीन कर्मियों पर गिरी है, उनमें राजेश कुमार (राजस्व उप निरीक्षक), नीरज कुमार सिंह (जनसेवक) और जितेंद्र उरांव (अनुसेवक) शामिल हैं. निलंबन की अवधि के दौरान इन सभी के मुख्यालय भी बदल दिए गए हैं. राजेश कुमार का नया मुख्यालय अंचल कार्यालय भंडरिया और जितेंद्र उरांव का मुख्यालय प्रखंड कार्यालय बड़गड़ तय किया गया है. इन सभी के खिलाफ अब विभागीय स्तर पर भी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है.
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मेडिकल रिपोर्ट से खुला राज, नियमों की उड़ी धज्जियां
इस पूरी घटना की शुरुआत तब हुई जब रवि कुमार गुप्ता नामक ग्रामीण ने लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद जब संबंधित कर्मियों की जांच कराई गई, तो मेडिकल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के साक्ष्यों ने आरोपों की पुष्टि कर दी. प्रशासन ने इसे सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का घोर उल्लंघन माना है. ऑफिस के भीतर इस तरह की हरकत ने न केवल व्यवस्था पर सवाल उठाया, बल्कि आम जनता के बीच सरकार की छवि को भी नुकसान पहुंचाया.
उपायुक्त की दोटूक- ‘जनता से दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं’
उपायुक्त दिनेश यादव ने इस कार्रवाई के जरिये पूरे जिले के सरकारी अमले को चेतावनी दी है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकारी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, नशे का सेवन और आम जनता, जिनकी सेवा के लिए ये कर्मी तैनात हैं, उनके साथ दुर्व्यवहार किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगा. उन्होंने कहा कि व्यवस्था को पारदर्शी और अनुशासित बनाए रखने के लिए भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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