Polio Cases 2024: भारत में 10 साल बाद फिर लौट आया पोलियो, इस राज्य में मिला केस

Polio Cases 2024: पोलियो बच्चों में होने वाला एक गंभीर बीमारी है. पोलियों के शिकार बच्चे दिव्यांग हो जाते हैं. हालांकि करीब 10 साल तक भारत में एक भी पोलियो के केस नहीं आया था लेकिन अब फिर भारत में पोलियो का एक मामला सामने आया है....

Polio Cases 2024: पोलियो एक गंभीर बीमारी है. यह न सिर्फ भारत में बल्कि दुनियाभर में बच्चों में होने वाली एक खतरनाक बीमारियों में से एक हैं. हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत को पोलियो मुक्त घोषित कर दिया था. लेकिन मेघालय में एक दो साल के बच्चे में पोलियो इंफेक्शन पाया गया है. चलिए जानते हैं डब्ल्यूएचओ ने भारत को कब पोलियो मुक्त घोषित किया था और क्या है पोलियो….

पोलियो क्या है?

पोलियो बच्चों में होने वाला एक प्रकार का वायरस इंफेक्शन है जिसे पोलियोमाइलाइटिस कहा जाता है. पोलियो सबसे पहले अटैक बच्चों के ब्रेन रीढ़ की हड्डी पर करता है. हालांकि पोलियो का आजतक कोई इलाज नहीं मिल पाया है.

भारत कब हुआ था पोलियो मुक्त

अगर आप सोच रहे हैं कि भारत कब पोलियो मुक्त हो गया था तो सबसे पहले जान लें कि पोलियो बच्चों में फैलने वाले सबसे गंभीर बीमारी है. जो बच्चा पोलियो का शिकार हो जाता है वह बच्चा दिव्यांग हो जाते हैं. लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत को साल 2014  यानी करीब 10 साल पहले पोलियो मुक्त घोषित कर दिया था. क्योंकि भारत में आखिरी बार पोलियों के मरीज साल 2011 में सामने आया था.

कोई भी देश कब होता संक्रमण मुक्त घोषित

दरअसल नियमों के मुताबिक कोई भी देश तब संक्रमण मुक्त घोषित होता है जब वैक्सीनेशन के बाद उस देश में बीमारी के तीन साल तक एक भी केस आया न हो. यही कारण है कि साल 2014 में भारत पोलियो मुक्त हो गया था. क्योंकि ‘पल्स पोलियो’ अभियान चलने के कई साल के बाद पोलियो बीमारी कंट्रोल में हो गई थी.

पल्स पोलियो अभियान क्या है?

पल्स पोलियो अभियान में बच्चों को पोलियो की दवा घर-घर जाकर पिलाई जाती थी. यह अभियान पूरे देशभर में बड़े स्तर पर चलाया गया था. हालांकि अब देश में पोलियो का एक केस दर्ज किया गया है. ऐसे में सवाल यह है कि क्या केस बढ़ने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन फिर भारत से पोलियो मुक्त का टैग हटा देगा. याद दिला दें कि भारत के मेघालय में एक दो साल के बच्चे में पोलियो इंफेक्शन मिला है. हालांकि उस बच्चे को वैक्सीन भी लग चुकी थी, लेकिन फिर भी वह इस बीमारी के चपेट में आ गया है.

Also Read: इन लोगों के लिए जहर है चाय, कभी न पिएं

Also Read: वजन कम करने के लिए रोजाना पिएं ये 5 हर्बल टी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Shweta Pandey

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >