Corona और मौसम परिवर्त्तन के बीच मच्छरों के आतंक से बचाएंगे ये पांच पौधे, मिलेगी राहत

how to from mosquitoes by plantation of five plants in house मौसम में लगातार हो रहे परिवर्त्तन और कोरोना के कहर के बीच मच्छरों का आतंक चरम पर है. घर के आस-पास सही से साफ-सफाई और कीटनाशक का छीड़काव नहीं होने के कारण कोरोना वायरस के साथ-साथ वैसे खतरनाक मच्छरों का भी खतरा रहता है, जो कई गंभीर बिमारियों का कारण है. इन मच्छरों से मलेरिया, डेंगू, स्वाइन फ्लू जैसी कई बीमारियां हो सकती है. लेकिन, क्या छीड़काव करने, अगरबत्ती का इस्तेमाल करने या क्रीम लगाने से मच्छरों को हमेशा के लिए दूर भगाया जा सकता है? लेकिन, कुछ ऐसे पौधे हैं जिन्हें लगाने से घर में मच्छर कम आएंगे या बिल्कुल भी न आएं.

मौसम में लगातार हो रहे परिवर्त्तन और कोरोना के कहर के बीच मच्छरों का आतंक चरम पर है. घर के आस-पास सही से साफ-सफाई और कीटनाशक का छीड़काव नहीं होने के कारण कोरोना वायरस के साथ-साथ वैसे खतरनाक मच्छरों का भी खतरा रहता है, जो कई गंभीर बिमारियों का कारण है. इन मच्छरों से मलेरिया, डेंगू, स्वाइन फ्लू जैसी कई बीमारियां हो सकती है. लेकिन, क्या छीड़काव करने, अगरबत्ती का इस्तेमाल करने या क्रीम लगाने से मच्छरों को हमेशा के लिए दूर भगाया जा सकता है? लेकिन, कुछ ऐसे पौधे हैं जिन्हें लगाने से घर में मच्छर कम आएंगे या बिल्कुल भी न आएं.

तो आइये जानते है ऐसे ही कुछ पौधों के बारे में
तुलसी (Tulsi)

कई औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी के पौधे का महत्व हिंदु धर्म में सदियों से रहा है. लोग इसकी पूजा भी करते हैं साथ-साथ भोग व प्रसाद के रूप में इसे ग्रहण भी किया जाता है. इसपर कई पौराणिक कथाएं भी उपलब्ध है. ऐसा माना गया है कि इसे घर में लगाने से वातावरण शुद्ध होता है व आस-पास में मौजूद किटाणुओं से बचा जा सकते है. इससे मच्छर आसपास भी नहीं भटकते है. इसके अलावा मच्छर के काटने पर लाल चकत्ते जो त्वचा पर पड़ जाते है उसका इलाज भी इससे किया जा सकता है.

गेंदा का पौधा (Marigold)

गेंदे के फूल सिर्फ चढ़ावा में चढ़ाने के लिए या घर की शोभा बढ़ाने के काम नहीं आते है. इसके पौधे को घर में लगाने से मच्छर आसपास नहीं भटकते है. अंग्रेजी वेबसाइट Proflowers के मुताबिक मच्छरों को इस फूल का गंध बिल्कुल पसंद नहीं होता. इसलिए वे इसके आसपास नहीं आते. इसके पौधे को घर के बरांदे, बॉलकोनी या गार्डेन में लगा सकते है.

एग्रेटम प्लांट

यह भी एक अच्छा मॉस्किटो रिप्लीयन्ट है. जिससे कौमारिन नामक एक सुगंध निकलती है. हालांकि, यह गंध मच्छरों को नहीं पचती. यही कारण है कि इसके पास आने से कतराते है. कौमारिन का इस्तेमाल कमर्शियल मॉस्किटो रिप्लीयन्ट और परफ्यूम इंडस्ट्री में होता है.

सिट्रानेला का पौधा (Citronella)

सिट्रानेला का पौधा की खुशबू अनोखी होती है. करीब पौधा 3 फिट तक इस पौधे की लंबाई हो सकती है. इसे आसानी से छोटे गमले में लगाया जा सकता है. नींबू की तरह खुशबू वाले इस पौधे से मच्छर, मक्खी तथा अन्य कीड़े दूर भागते हैं. इसका एसेंस कई मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम में इस्तेमाल किया जाता है.

लेमन बाम (Lemon balm)

लेमन बाम का उपयोग आयुर्वेद में जड़ी-बूटी के रूप में किया जाता है, इसकी पत्तियों कई गुणों से भरपूर है. इसे नींबू बाम भी कहा जाता है. इसमें पाये जाने वाले विटामिन-मिनरल्स शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है. देखने में भी अच्छा लगने के कारण लोग इसे सजावट के लिए भी प्रयोग में लाते है. इसके फूलों के गंध मच्छर, मक्खियां आसपास भी नहीं भटकती. इस पौधे को घर के अंदर ही लगाना चाहिए, धूप में नहीं रखना चाहिए.

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Author: sumitkumar1248654

Published by: Prabhat Khabar

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