Heatwave Protection: बढ़ते तापमान ने सभी के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाला है. राहत की तलाश में, जहां कुछ लोग हिल स्टेशनों की ओर रूख कर रहे है, वहीं कुछ अपने एयर कंडीशनिंग के तापमान को बैलेंस करने में अपना दिन बिता रहे हैं. इन सबके बीच जान लें कि भीषण गर्मी से बचने के लिए शिशुओं और बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत है. जानें अपने शिशु को हीटवेव से बचाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है.
गर्मियों के दौरान होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं की कुंजी है लगातार पानी पीना
हाइड्रेटेड रहना और लगातार पानी पीना गर्मियों के दौरान होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं की कुंजी है, लेकिन जाहिर है, शिशु खुद अपना ख्यान नहीं रख सकते हैं और ऐसे में बहुत जरूरी है कि पैरेंट्स उनपर अतिरिक्त ध्यान दें. वे हीटवेव के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं और इसलिए उन्हें तब तक घर के अंदर रखना बुद्धिमानी है, जब तक कि उन्हें बाहर निकालना बहुत आवश्यक न हो. ऐसी कठोर स्थिति क्या करें और क्या न करें यह जानना बेहद जरूरी है.
एनडीएमए ने शिशुओं को हीटवेव से बचाने के लिए कुछ सुरक्षा बिंदुओं के बारे में ट्वीट किया
हीटवेव के असर से बचने के लिए कुछ जरूरी नियमों का कड़ाई से पालन करना बहुत ही ज्यादा जरूरी है. इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने के महत्व को समझते हुए, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने कुछ सुरक्षा बिंदुओं के बारे में ट्वीट किया, जिन्हें बच्चों, विशेषकर शिशुओं की दैनिक दिनचर्या में शामिल किया जाना चाहिए.
हीटवेव से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें जानें
सुरक्षा बिंदुओं वाली तस्वीर पोस्ट करते हुए, एनडीएमए ने ट्वीट में लिखा, “अपने शिशुओं को हीटवेव से बचाएं. जानें क्या करें और क्या न करें.
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NDMA की ओर से लोगों से अपील की गई है कि यदि आप कहीं ट्रैवल कर रहे हैं तो अपने बच्चों को धूप में खड़ी की गई गाड़ी में गलती से भी अकेले न छोड़ें. ऐसा इसलिए है क्योंकि वाहन खतरनाक तापमान तक अत्यधिक गर्म हो सकते हैं.
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अपने शिशु को पीने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ देते रहें. ऐसा करना अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि वे हर समय हाइड्रेटेड रहें.
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यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप गर्मी से संबंधित बीमारी से अवगत रहें ताकि आप अपने बच्चों में इन बीमारियों की पहचान कर सकें.
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अगर कोई इस बारे में सोच रहा है कि कैसे पता चलेगा कि आपका बच्चा डिहाइड्रेट है या नहीं? एनडीएमए ने पैरेंट्स को अपने बच्चे के मूत्र पर नजर रखने के लिए कहा क्योंकि डिहाइड्रेशन के परिणामस्वरूप आपका बच्चा केंद्रित या गहरे रंग का पेशाब कर सकता है.
