Health Care : दिल का ख्याल रखते हैं ये फूड, अच्छी लाइफस्टाइल के साथ बदलिए डाइट

Health Care : पहले दिल का दौरा पड़ना या फिर हृदय स्वास्थ्य से जुड़ी जटिलताएं बढ़ती उम्र के साथ जुड़ी नजर आती थी लेकिन अब तो हर उम्र के लोग हृदय स्वास्थ्य की परेशान हो रहे हैं जो विश्वस्तर पर चिंता का विषय है. लेकिन अपनी लाइफस्टाइल और आहार में बदलाव कर कई हृदय रोगों को रोका जा सकता है.

Health Care : अपने या परिवार के लोगों के हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के प्राथमिक तरीकों में से एक दिल को स्वस्थ बनाने वाले आहार अपनाना है. आप सही भोजन से अपने दिल को सही पोषण दे सकते हैं इसके लिए अपने वर्तमान आहार की समीक्षा करें कि क्या वो वाकई सेहत के लिए सही है या नहीं ? अगर नहीं तो अपनी डाइट में आज से ही बदलाव करें .

भोजन में ओमेगा-3 फैटी एसिड शामिल करें

ओमेगा-3 फैटी एसिड आवश्यक पॉलीअनसेचुरेटेड वसा हैं जो हृदय स्वास्थ्य के लिए अहम है. इसके नियमित खाने से हृदय प्रणाली में सूजन कम होती है, दिल की धड़कन नियंत्रित होती है, ब्लड का थक्का जमना कम होता है और रक्तचाप कम होता है. कुछ खाद्य पदार्थ जिनमें ओमेगा 3 के अच्छे स्रोत हैं, वे हैं मछली जैसे रोहू, कतला और मैकेरल और बीज जैसे अलसी ,चिया सीड्स, तुलसी के बीज और अखरोट.

अधिक फाइबर का सेवन करें

हृदय स्वास्थ्य के लिए अधिक फाइबर का सेवन करना अच्छा होता है. घुलनशील फाइबर, पाचन तंत्र में कोलेस्ट्रॉल को बांध सकता है और इसके उत्सर्जन को सुविधाजनक बना सकता है, जिससे रक्त में एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो जाता है. यह क्रिया धमनी प्लाक बनने से रोकता है. इसके अलावा स्ट्रिोक के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है. साबुत अनाज, फलों, सब्जियों और फलियों में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, फाइबर हृदय स्वास्थ्य का समर्थन करता है और पाचन में भी सहायता करता है. इससे एनर्जी भी मिलती है. बाजरा, रागी और ज्वार जैसे साबुत अनाज, स्थानीय रूप से उगाई जाने वाली सब्जियाँ और फल और दालें जैसे चना, मूंग और राजमा में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है.

दैनिक सोडियम सेवन पर नजर

दिल के स्वास्थ्य के लिए अपने दैनिक सोडियम सेवन पर नज़र रखना बहुत ही जरूरी है. आहार में अत्यधिक सोडियम से वाटर रिटेंशन बढ़ सकता है जिसके कारण रक्तचाप बढ़ सकता है. हाई ब्लड प्रेशर आपके हृदय और रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है. सोडियम अक्सर प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों, डिब्बाबंद वस्तुओं और रेस्तरां के भोजन में छिपा होता है, इसलिए हमें अपने आहार विकल्पों के बारे में सतर्क रहना चाहिए, खाद्य लेबल पढ़ना चाहिए और ताजा, संपूर्ण खाद्य पदार्थों का चयन करना चाहिए ताकि जरूरत से अधिक सोडियम बॉडी में ना जाएं. इसका सबसे आसान उपाय है कि खाना घर पर ही पकाए. खाने में ऊपर से नमक और अचार कम से कम ले.

  ट्रांस वसा को कम करें

संतृप्त और ट्रांस वसा का सेवन कम करना हृदय स्वास्थ्य के लिए बहुत ही जरूरी है. ये वसा, जो आमतौर पर लाल मांस, मक्खन, पनीर और कई प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं, आपके ब्लड में एलडीएल यानी हानिकारक कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकते है इस वजह से बढ़ा हुआ एलडीएल कोलेस्ट्रॉल धमनियों में प्लाक के निर्माण में योगदान देता है, जिससे दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और गहरे तले हुए स्नैक्स को सीमित करें.

एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें

हृदय स्वास्थ्य के लिए आहार में एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना फायदेमंद होता है. एंटीऑक्सिडेंट शरीर में मुक्त कणों को निष्क्रिय करके ऑक्सीडेटिव तनाव से लड़ते हैं, ये अणु कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं और सूजन और धमनी पट्टिका निर्माण में योगदान कर सकते हैं. एंटीऑक्सीडेंट हृदय रोगों को बढ़ने से रोकते हैं. आंवला, जामुन और बादाम और अखरोट जैसे मेवे के साथ-साथ पालक, मेथी और सरसों का साग जैसी सब्जियाँ शामिल हैं.

मीठे खाद्य और पेय पदार्थों को सीमित करें

​हृदय स्वास्थ्य के लिए चीनी वाले खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों को सीमित करना आवश्यक है. ज्यादा चीनी के सेवन से वजन बढ़ सकता है, सूजन हो सकती है और ट्राइग्लिसराइड का स्तर बढ़ सकता है, ये सभी हृदय रोग के जोखिम कारक हैं. इसके अलावा, अधिक चीनी का सेवन इंसुलिन प्रतिरोध और टाइप 2 मधुमेह में योगदान कर सकता है, ये स्थितियाँ हृदय संबंधी जटिलताओं से निकटता से जुड़ी हुई हैं. मीठे खाद्य और पेय पदार्थ थोड़ी देर के लिए अच्छा फील कराते हैं लेकिन इसका हमारी बॉडी पर काफी प्रभाव पड़ता है. जिसमें धमनियों का सख्त और संकीर्ण होना शामिल है, जिससे दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.

गुड़ या शहद जैसे नैचुरल स्वीटनर का प्रयोग

​हृदय स्वास्थ्य के लिए रिफाइंड शुगर से अच्छा है कि आप गुड़ या शहद जैसे नैचुरल स्वीटनर का प्रयोग करें. ज्यादा शुगर लेने से बचने के लिए पानी, बिना चीनी वाली चाय या कॉफ़ी पियें.

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Author: Meenakshi Rai

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