Dengue Vs Malaria : डेंगू और मलेरिया में अंतर, लक्षण, बचाव और उपाय.

Dengue Vs Malaria: डेंगू और मलेरिया दोनों ही मच्छरों द्वारा फैलने वाले रोग हैं लेकिन यह समान नहीं है .

Dengue Vs Malaria: डेंगू और मलेरिया दोनों ही मच्छरों द्वारा फैलने वाले रोग हैं लेकिन यह समान नहीं है . डेंगू एक वायरल इंफेक्शन है जो वायरस के शरीर में आने की वजह से होता है, वही मलेरिया एक पैरासाइटिक इनफेक्शन है जो प्रोटोजोन से फैलता है, लेकिन इनके लक्षण, बचाव और उपाय एक दूसरे से भिन्न होते हैं.

Dengue: डेंगू

डेंगू एक तरह का वायरल इंफेक्शन होता है जोलेडिस मच्छर के काटने के द्वारामनुष्य के शरीर में फैला हैयह अत्यंत ही घातक हो सकता हैअगर सही समय पर इलाज औरडॉक्टर से परामर्श ना ले लिया जाए तोया या अक्षर मानसून के समय फैलता है.

लक्षण

तेज बुखार
सिर दर्द
आंखों के पीछे दर्द
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
थकान
उल्टी और मतली
त्वचा पर लाल चकत्ते
गंभीर मामलों में प्लेटलेट्स की संख्या में कमी

बचाव

मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें.
मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती या कायल का प्रयोग कर सकते हैं.
घर के आसपास यह कलर में पानी जमाना होने दे.
पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें.
घर की खिड़कियों और दरवाजों पर जाली जरूर लगाए ताकि मच्छर घर में घुसने ना पाए.

बचाव के उपाय

डेंगू होने पर जितना हो सके आराम करें.
अधिक मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करें.
बुखार और दर्द के लिए पैरासिटामोल और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाई समय पर ले.
गंभीर मामलों में अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ने पर अपनी निकटतम अस्पताल में जाए बिना किसी लापरवाही के.

Malaria :मलेरिया


मलेरिया एक प्रोटोजोआन की प्रजाति प्लाज्मोडियम पैरासाइट द्वारा फैलने वाली बीमारी ,है जो इंसानों में एनाफिलीज मच्छर द्वारा संक्रमित होती है. मलेरिया संक्रमित सुई और गंदे खून के ट्रांसफ्यूजन द्वारा भी फैल सकती है. जिन अस्पतालों मैं साफ सफाई नहीं पड़ती जाती है वहां पर इस तरह की समस्या होने का खतरा ज्यादा होता है.

लक्षण

ठंड और कंपकंपी
तेज बुखार होना
पसीना आना
सिर दर्द होना
मांसपेशियों में दर्द रहना
थकान और सुस्ती रहना
उल्टी और जी मचलने की शिकायत
पेट दर्द और दस्त की समस्या

बचाव के उपाय

मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें.
मच्छर भगाने वाले रसायनों का प्रयोग करें.
मच्छर जनित स्थानों और गंदगी से दूर रहे.
मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में यात्रा करने से बचें.

उपाय

मलेरिया की पुष्टि के लिए अपने निकटतम अस्पताल में खून की जांच करवाएं.
डॉक्टर द्वारा दिए गए मलेरिया की दवाओं को नियमित और समय पर ले, पर्याप्त आराम करें.
अधिक मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करें.
गंभीर मामलों में अस्पताल में इलाज की आवश्यकता भी होती है.

इन उपायों और बचाव तकनीकों को अपनाकर डेंगू और मलेरिया से बचा जा सकता है. किसी भी गंभीर लक्षण के होने पर तुरंत चिकित्सकों से परामर्श ले एवं जरूरत पड़ने पर अस्पताल में जरूरी जांच करवाएं. ध्यान रखें डेंगू एवं मलेरिया के लक्षणों को अगर आपने संज्ञान में नहीं लिया तो यह गंभीर रूप भी ले सकते हैं इसीलिए समय रहते इस तरह के लक्षणों को पहचानना और उनका इलाज करना बेहद जरूरी होता है.

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लेखक के बारे में

Author: Shreya Ojha

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