सावधान ! चायनिज लहसुन से करें तौबा, नही तो हो सकता है बड़ा नुकसान, भारतीय मंडियों में धड़ल्ले से हो रही बिक्री

कोलकाता : चीन का लहसुन इन दिनों भारत में चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल चीन का लहसुन हम इसलिए कह रहे है क्योंकि यह पूरी तरह से भारत के लहसुन से भिन्न होता है. विशेषज्ञों की मानें तो चीनी लहसुन का भारत के लहसुन से आकार बड़ा होता है. इसका ऊपरी भाग देखने में सफेद, लेकिन उसके अंदर का बीज गुलाबी या हल्के काले रंग का होता है.

कोलकाता : चीन का लहसुन इन दिनों भारत में चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल चीन का लहसुन हम इसलिए कह रहे है क्योंकि यह पूरी तरह से भारत के लहसुन से भिन्न होता है. विशेषज्ञों की मानें तो चीनी लहसुन का भारत के लहसुन से आकार बड़ा होता है. इसका ऊपरी भाग देखने में सफेद, लेकिन उसके अंदर का बीज गुलाबी या हल्के काले रंग का होता है.

गौरतलब है कि वाणिज्य मंत्रालय ने पांच वर्ष पूर्व ही चीन के लहसुन की खरीद बिक्री पर रोक लगा दी थी. लेकिन कोलकाता में आये दिन चीनी लहसुन मार्केट में पाए जा रहे हैं.

सूत्रों की मानें तो चीनी लहसुन में क्लोरीन ब्लीच किया जाता है. क्लोरीन एक तरह का केमिकल है. जिसका उपयोग चीनी लहसुन के उपरी भाग को बिल्कुल सफेद दिखाने के लिए किया जाता है. यही नही इसमें कीड़ा मारने वाली औषधि भी डाली जाती है. जो स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है.

विशेषज्ञों की मानें तो चीनी लहसुन कासीनजन और जहरीला होता है. जिसके लंबे समय तक इसका इस्तेमाल पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.

भारत विश्व में दूसरा सबसे ज्यादा लहसुन उत्पादन करने वाला देश है. अत: इसे लहसुन के आयात की जरूरत ही नही है. भारत में उत्पादन होने वाले लहसुन में भारी मात्रा में एल्लीसिन होती है. जो ब्लड प्रेशर रोकने में काम आता है. लेकिन चीनी से आने वाले लहसुन ज्यादा समय तक स्टोर करने पर उसमें एल्लीसिन नहीं रह पाता और इसमें फंगस जल्द लग जाता है. यह ताजगी से भरपूर रहे, इसके लिए इसमें विभिन्न तरह के केमिकल का उपयोग किया जाता है.

सूत्रों के अनुसार कोलकाता के कई मंडियों में इस लहसुन के बेचे जाने की खबर है. हाल ही में काले बाजार के जरिये बांग्लादेश और म्यांमार से बंगाल में लगभग 400 बोरी कस्टम डिपार्टमेंट ने पकड़ी है

जबकि इसकी बिक्री बंद करवाने को लेकर एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट और टास्क फोर्स की टीम सभी मंडियों और दुकानों में जाकर जांच करते रहते हैं. बावजूद इसके इसकी मार्केट में बिक्री जारी है.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लोगों को आगाह करने के लिए सरकार आए दिन मीडिया और अखबारों के जरिये लोगों को जागरूक किया जा रहा है.

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Author: sumitkumar1248654

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