Healthcare Budget 2026: बीमारियों से बचाव से लेकर आयुर्वेद और बायोफार्मा तक, स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा

Healthcare Budget 2026: बजट 2026 में आम आदमी और हेल्थकेयर पर खास ध्यान दिया गया है. स्वास्थ्य बजट बढ़ाया गया है जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है.

Healthcare Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को पेश किया. यह उनका लगातार नौवां बजट है. उन्होंने कहा कि भारत अब पूरे आत्मविश्वास के साथ ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ रहा है और सरकार की नीतियों और सुधारों की वजह से देश ने 7% की प्रभावशाली विकास दर हासिल की है.

फिनांस मंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में हेल्थकेयर सेक्टर को और मजबूत किया जाएगा.

आयुर्वेद को नई दिशा

  • तीन नए ऑल इंडिया आयुर्वेद संस्थान बनाए जाएंगे.
  • जामनगर में WHO ट्रेडिशनल मेडिसिन रिसर्च सेंटर स्थापित होगा.
  • आयुर्वेद क्षेत्र को मदद देने के लिए लोन लिंक्ड कैपिटल सपोर्ट स्कीम लागू होगी.

मुख्य उद्देश्य

  • आयुर्वेद शिक्षा और रिसर्च को मजबूत करना
  • नए रोजगार और व्यवसायिक अवसर बढ़ाना
  • भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना

बजट 2026 में स्वास्थ्य और बायोफार्मा सेक्टर को बड़ा सशक्तिकरण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में स्वास्थ्य और बायोफार्मा क्षेत्र के लिए कई महत्वाकांक्षी पहलें पेश की हैं. इसका उद्देश्य न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना बल्कि भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाना है.

मुख्य स्वास्थ्य पहलें

  • अगले 5 सालों में 1,00,000 एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स (AHPs) तैयार किए जाएंगे.
  • 1.5 लाख केयरगिवर्स को विशेष प्रशिक्षण मिलेगा.
  • NIMHANS-2 और तीन नए राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे.
  • मौजूदा एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल संस्थानों का अपग्रेड और नए AHPI संस्थान (पब्लिक एवं प्राइवेट) खोले जाएंगे.
  • 10 प्रमुख डिसिप्लिन में प्रशिक्षण: ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइकोलॉजी, बिहेवियरल हेल्थ आदि.
  • जिला अस्पतालों में एमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर की क्षमता 50% तक बढ़ाई जाएगी.
  • देश में 5 नए क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे.
  • बुजुर्गों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान.
  • मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा.
  • आयुर्वेद को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए 3 नए आयुर्वेद एम्स और योग का वैश्विक प्रचार.
  • प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलने में मदद, साथ ही लड़कियों के लिए हर जिले में होस्टल सुविधाएं.
  • कैंसर और 7 अन्य रोगों के लिए विशेष दवाओं पर आयात में छूट, जिससे इलाज की लागत कम होगी.
  • पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने और निदान प्रयोगशालाओं के विस्तार की योजना.
  • देशी और विदेशी संस्थानों की मदद से केयर इकोसिस्टम को और मजबूत किया जाएगा.

    बायोफार्मा सेक्टर में बड़ा निवेश

    • बजट में 10,000 करोड़ रुपये की सौगात, भारत को वैश्विक बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए.
    • अगले 5 सालों में बायोफार्मा क्षेत्र में ज्ञान, इनोवेशन और तकनीक बढ़ाने पर जोर.
    • हाई वैल्यू ड्रग्स की आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा.
    • उद्देश्य यह कि मरीजों का इलाज भारत में ही कम लागत में और एडवांस्ड तरीके से हो सके.

    इन पहलों से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा बल्कि रोजगार, रिसर्च और ग्लोबल प्रतिस्पर्धा में भारत को नई पहचान मिलेगी.

    दिव्यांगों के लिए नई योजनाएं

    योजनाउद्देश्यमुख्य बिंदु
    दिव्यांग सहारा योजनादिव्यांगों को तकनीकी मदद और सहायक उपकरण उपलब्ध करानाएसिस्टिव डिवाइसेज की निर्माण प्रक्रिया पर फोकस
    दिव्यांग जन कौशल योजनाकौशल और रोजगार के अवसर बढ़ाना1.5 लाख केयरगिवर्स को ट्रेनिंग
    रीजनल मेडिकल हबस्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करनादेश में 5 नए हब, नौकरी और रोजगार के अवसर

    भारत को मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की योजना

    • राज्यों को 5 क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने में मदद दी जाएगी.
    • इससे विदेशी और घरेलू मरीजों के लिए भारत को आकर्षक गंतव्य बनाया जाएगा.

    मेंटल हेल्थ में सुधार के लिए नई पहल

    केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. वित्त मंत्री ने कहा कि देश में वर्तमान में मानसिक स्वास्थ्य के लिए राष्ट्रीय स्तर के समर्पित संस्थानों की संख्या पर्याप्त नहीं है. इस कमी को दूर करने के लिए रांची और दिसपुर में नए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है. इन संस्थानों का उद्देश्य है:

    • देश भर में विशेष देखभाल और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना.
    • मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए उन्नत प्रशिक्षण और कौशल विकास को बढ़ावा देना.
    • अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार लाना.

    इस पहल से न केवल मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि रोगियों, देखभालकर्ताओं और स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए एक मजबूत और समर्पित नेटवर्क तैयार होगा. बजट 2026 हेल्थकेयर, आयुर्वेद, बायोफार्मा और दिव्यांग कल्याण में नई योजनाओं और निवेश के साथ पेश किया गया है. यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

    फार्मास्युटिकल शिक्षा और रिसर्च का विस्तार

    • देश में तीन नए NIPERs (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) बनाए जाएंगे.
    • आधुनिक लैब सुविधाओं और स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से वैश्विक स्तर की प्रतिभा तैयार होगी.

    बायोफार्मा सेक्टर में बड़ा निवेश

    • अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश.
    • भारत को वैश्विक बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का लक्ष्य.
    पहलउद्देश्य
    3 नए NIPERs + 7 अपग्रेडेड संस्थानबायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर उत्पादन बढ़ाना
    1,000 क्लिनिकल ट्रायल साइट्सराष्ट्रीय नेटवर्क तैयार करना
    CDSCO सशक्त बनानाग्लोबल स्टैंडर्ड्स को पूरा करना

    नॉन-कम्यूनिकेबल डिजीज (NCDs) की रोकथाम

    देश में NCDs का बोझ बढ़ रहा है: डायबिटीज, कैंसर, हृदय रोग, किडनी और लिवर रोग.

    सरकार की प्राथमिकता

    • रोकथाम
    • स्क्रीनिंग
    • प्रारंभिक इलाज

    लक्ष्य: इन रोगों से निपटने की क्षमता मजबूत करना

    बजट 2026 हेल्थकेयर, आयुर्वेद, बायोफार्मा और दिव्यांग कल्याण में नई योजनाओं और निवेश के साथ पेश किया गया है. यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

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    लेखक के बारे में

    By Shaurya Punj

    मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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