Child Care : एक्टिव बच्चा कहीं ना हो जाए डिहाइड्रेट, पहचानिए लक्षण जानें उपाय

Child Care : चाहे पढ़ाई का क्षेत्र हो या फिर खेलकूद की दुनिया. एक्टिव रहना बच्चों की नेचर में शामिल है. लेकिन कभी – कभी वे काफी सुस्त नजर आते हैं कई बार इसे थकान समझकर इग्नोर कर देते हैं लेकिन हो सकता है कि यह डिहाइड्रेशन की समस्या हो.

Child Care : स्कूल जाने वाले बच्चों की अपनी दुनिया है. जहां उनपर भी खुद को बेहतर दिखाने का प्रेशर है. सुबह उठकर स्कूल जाने की जल्दबाजी, स्कूल में पढ़ाई, खेलकूद और अन्य एक्टिविटी मतलब दिन भर आपका बच्चा सक्रिय भूमिका में है. इस दौरान एथलेटिक बच्चों को पानी की कमी ना हो, इसपर भी खास ख्याल रखना चाहिए.

बच्चों को बड़ों की तुलना में कम पसीना आता है. जो बच्चे गेम या स्पोर्ट्स खेलते हैं उन्हें खूब पानी पीने की ज़रूरत होती है ताकि वे हाइड्रेटेड रह सकें, खासकर धूप गर्मी या आर्द्र मौसम में बाहर हों.

बच्चों को हाईड्रेट रखने का सबसे बेहतर तरीका है पानी पीना. सादे पानी में फलों के रस और कुछ सोडा और स्पोर्ट्स ड्रिंक की तरह कोई कैलोरी या ऊर्जा-बूस्टर नहीं होता है. बच्चों को खेल या बाहर खेलने से पहले खूब सारे तरल पदार्थ पीने चाहिए.

सक्रिय या एथलेटिक बच्चों को नियमित रूप से तरल पदार्थ पीना चाहिए. इससे उन्हें डिहाइड्रेट होने से बचाने में मदद मिलेगी ताकि वे अभ्यास, खेल और बैठकों से पहले या उस दौरान और बाद में एक निश्चित मात्रा में पानी पी सके. अगर बच्चे गर्म, धूप या आर्द्र परिस्थितियों में काम कर रहे हैं, या यदि उन्हें बहुत पसीना आता है तो उन्हें अधिक पानी पीना चाहिए.

खेल के दौरान निर्जलीकरण को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की बात करें तो उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए ताकी उनमें पानी की कमी ना हो. बच्चों को कैफीन से परहेज करना चाहिए यह एक मूत्रवर्धक है, जिसका अर्थ है कि बच्चे को अधिक पेशाब करना पड़ सकता है, जिससे उनका अधिक तरल पदार्थ कम हो जाएगा और वे और भी तेजी से निर्जलित हो जाएंगे।

बच्चों में ये है डिहाइड्रेशन के लक्षण
  • सिर दर्द

  • मतली उल्टी

  • पेशाब कम आता है

  • गहरे पीले रंग का पेशाब

  • अत्यधिक थका हुआ महसूस करना

  • चक्कर आना/ बेहोश हो जाना

  • घर पर देखभाल कैसे करें देखभाल

  • बच्चे को तरल पदार्थ पीना जारी रखना चाहिए

  • उन्हें आराम करने के लिए प्रोत्साहित करें.

  • अन्य लक्षणों के लिए उन पर नज़र रखें

डॉक्टर को कब बुलाएं
  • उनके लक्षणों के बिगड़ने पर डॉक्टर को कॉल करना चाहिए. जैसे कि:

  • उन्हें दस्त हो.

  • वे सामान्य से अधिक सुस्त या अधिक नींद में रहें.

  • वे भ्रमित लगते हैं या बेहोश हो जाते हैं.

  • ऐसी परिस्थितियों में बिना देरी किए डॉक्टर के पास बच्चे को लेकर जाएं.

पानी पीना जरूरी है लेकिन इस बात का ख्याल रखें कि बहुत कम अंतराल यानी कुछ ही मिनटों में बहुत अधिक पानी नहीं पीना चाहिए. इससे हेल्थ पर नेगेटिव असर होता है.

Also Read: Health Care : बरसात के दिनों में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, प्यास ना भी लगे तो पीएं पानी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Meenakshi rai

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >