Salman Khan केस में आ रहा रोहित गोदारा का नाम? पहले की थी सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या

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Salman Khan केस में आ रहा रोहित गोदारा का नाम? पहले की थी सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या

सलमान खान के अपार्टमेंट के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों का ताल्लुक रोहित गोदारा गैंग से होने का अंदेशा है.

Salman khan and salim khan

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के बांद्रा स्थित अपार्टमेंट के बाहर रविवार को हुई गोलीबारी की घटना के पीछे गैंगस्टर रोहित गोदारा का नाम आ रहा है. इससे पहले जयपुर में दिसंबर में अज्ञात हमलावरों ने श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी थी. घटना के दौरान हमलावरों ने अपने साथ एक व्यक्ति को भी गोली मार दी और घर में मौजूद एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था.

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या की जिम्मेदारी रोहित गोदारा गैंग ने ली

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए सख्त नाकेबंदी की थी. इस घटना की रोहित गोदारा गैंग ने जिम्मेदारी ली थी. इसे ध्यान में रखते हुए पड़ोसी जिलों और बीकानेर में भी बदमाशों के संपर्क वाले लोगों को चिन्हित कर लगातार दबिश दी जा रही थी.

लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा है रोहित गोदारा

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में गोगामेड़ी की हत्या की जिम्मेदारी ली थी. उसने कहा था कि गोगामेड़ी उसकी गैंग के दुश्मनों का समर्थन कर रहा था और उन्हें सशक्त कर रहा है.

गैंगस्टर रोहित गोदारा की बॉयोमेट्रिक डिटेल निकालने के लिए NIA बीते 3 हफ्ते से प्रयास कर रही है. गोदारा का हाथ पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी आया था. गोदारा बिश्नोई के गैंग को ब्रिटेन से ऑपरेट कर रहा है. NIA इसीलिए उसे भारत प्रत्यर्पित कराना चाहती है.

गोदारा फर्जी पासपोर्ट के सहारे दिल्ली से दुबई भाग गया था. लॉरेंस बिश्नोई ने पूछताछ में बताया था कि उसके पास यूपी की जेल में बंद गैंगस्टर धनंजय सिंह, हरियाणा में कला जेठारी, राजस्थान में रोहित गोदारा और दिल्ली में रोहित मोई व हाशिम बाबा के साथ गठजोड़ है. इस नेटवर्क के जरिए वे हत्या कराने को शूटर के साथ हथियार भी मुहैया कराते हैं.

बिश्नोई ने यह भी दावा किया था कि सलमान खान उसके निशाने पर 1988 से है, जब उसने दो ब्लैक बक का शिकार किया था. ब्लैक बक को बिशनोई समुदाय पवित्र मानता है और उसकी पूजा करता है. गोदारा बिकानेर का रहने वाला है और उसके नाम 35 आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें हत्या और फिरौती के मामले शामिल हैं.

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गोगामेड़ी से मिलाने वाले को भी हमलावरों ने गोलियों से भूना

इससे पहले सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में राजस्थान के डीजीपी उमेश मिश्रा ने बताया था कि हमलावर बातचीत करने के बहाने गोगामेड़ी के घर में दाखिल हुए और कुछ देर बातचीत करने के बाद उन्होंने गोलियां चलाना शुरू कर दिया. उनके अनुसार गोगामेड़ी के गार्ड ने भी जवाबी गोली चलाई. मिश्रा ने बताया कि बाद में दोनों हमलावरों ने उनके साथ आये नवीन शेखावत को भी गोली मार दी. इस वारदात में गोगामेड़ी और नवीन की मौत हो गई जबकि परिचित अजीत गंभीर रूप से घायल हो गया.

गोगामेड़ी की हत्या की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद

गोगामेड़ी पर हमले का पूरा घटनाक्रम घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हो गया. पुलिस के अनुसार तीन लोग गोगामेड़ी के आवास पर गए और उन्होंने उनके सुरक्षाकर्मियों से कहा कि वे गोगामेड़ी से मिलना चाहते हैं. सुरक्षाकर्मी उन्हें अंदर ले गए जहां उन्होंने गोगामेड़ी से दस मिनट तक बातचीत की. इसके बाद, उन्होंने उन पर गोलियां चला दीं. घटना के बाद दो हमलावर घर से बाहर निकले और एक व्यक्ति से स्कूटी छीनकर फरार हो गए.

गोगामेड़ी के समर्थकों ने किया प्रदर्शन

गोगामेड़ी की हत्या के बाद समर्थकों ने अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए जयपुर, जोधपुर, अलवर, चूरू, उदयपुर में विरोध प्रदर्शन किया.

लोकेंद्र सिंह कालवी से विवाद के बाद गोगामेड़ी ने श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का गठन किया था

करणी सेना के संस्थापक और संरक्षक लोकेंद्र सिंह कालवी के साथ मतभेदों के बाद गोगामेड़ी 2015 में श्री राजपूत करणी सेना से अलग हो गए और उन्होंने श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का गठन किया. इन दोनों संगठनों ने राजपूत समुदाय के संदर्भ में ऐतिहासिक तथ्यों से कथित छेड़छाड़ को लेकर फिल्म पद्मावत का विरोध किया था.

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By Arbindkumar mishra

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झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

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अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

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