हिंदी फिल्मी जगत की मशहूर अभिनेत्री निम्मी का बुधवार की शाम मुंबई में हृदयगति रुक जाने से निधन हो गया. सरला नर्सिंग होम में शाम छह बजे के करीब उन्होंने अंतिम सांस ली. वह पिछले तीन दिनों से मुंबई के जुहू स्थित क्रिटीकेयर अस्पताल में भर्ती थीं. वह 88 वर्ष की थीं. उनका अंतिम संस्कार गुरुवार की दोपहर बाद किया जाएगा.
1950 और 60 के दशक में फिल्मी पर्दे पर जलवे बिखेरने वाली एक्ट्रेस जन्म के समय नाम नवाब बानो था. राजकपूर ने उन्हें स्क्रीन नाम दिया- निम्मी. निम्मी पहली बार स्क्रीन पर फिल्म बरसात में साल 1949 में दिखी थीं. निम्मी ने 16 साल फिल्मों में काम किया. साल 1949 से लेकर 1965 तक वे फिल्मों में सक्रिय रहीं. उन्हें अपने दौर की बेहतरीन एक्ट्रेस के तौर पर शुमार किया जाता था.
निम्मी को राजकपूर की पहली खोज भी कहा जाता है. राजकपूर ने उन्हें अपनी फिल्म बरसात में ब्रेक दिया था. इस फिल्म के हिट होने के बाद निम्मी ने कई फिल्मों में काम किया. वे आन, उड़न खटोला, भाई भाई, कुंदन, मेरे महबूब जैसी तमाम फिल्मों में काम कर लोकप्रियता हासिल कर चुकी हैं.
निम्मी ने उस दौर के मशहूर लेखक एस. अली रजा से शादी कर ली थी. रजा को अपने दौर की कई बड़ी और हिट फिल्में लिखने का श्रेय जाता है, जिनमें अंदाज (1949), मदर इंडिया (1957) और सरस्वतीचंद्र (1968) जैसी फिल्मों का शुमार है. उन्होंने 1971 में आई फिल्म रेशमा और शेरा भी लिखी थी. एस अली राजा का 2007 में देहांत हो गया था. उनदोनों की कोई संतान नहीं थी और वो अपनी भांजी परवीन के साथ जुहू में रहती थीं.
जन्म के बाद निम्मी का काफी वक्त रावलपिंडी के पास ऐबटाबाद में बीता. बंटवारे के वक्त जब निम्मी की नानी बंबई आईं तो वह भी उनके साथ यहीं चली आईं. निम्मी की मौसी भी फिल्मों ज्योति के नाम से काम किया करती थीं. वहीं, निम्मी के निधन को लेकर मशहूर फिल्म डायरेक्टर महेश भट्ट ने भी ट्वीट किया है और उन्हें श्रद्धांजलि दी है.
