'तुनक तुनक तुन' से मिली दुनियाभर में पहचान, फिर 'कबूतरबाजी' के फेर में क्यों जेल पहुंचे दलेर मेहंदी?

18 अगस्त को दलेर मेहंदी का जन्मदिन है. 'बोलो ता रा रा' और 'तुनक तुनक तुन' से मशहूर हुए सिंगर की जिंदगी में एक दौर ऐसा भी आया, जब 2003 के इमिग्रेशन फ्रॉड केस में उन्हें दो साल की सजा हुई और 2022 में जेल जाना पड़ा.

पंजाबी म्यूजिक और इंडी-पॉप को अलग पहचान दिलाने वाले सिंगर दलेर मेहंदी 18 अगस्त को अपना जन्मदिन मनाते हैं. 'बोलो ता रा रा', 'तुनक तुनक तुन' और 'हो जाएगी बल्ले बल्ले' जैसे गानों ने उन्हें 90 के दशक में घर-घर में मशहूर कर दिया. हालांकि, उनका करियर जितना शानदार रहा, उनकी जिंदगी में विवाद भी कम नहीं रहे. साल 2003 में उनका नाम इमिग्रेशन फ्रॉड के एक मामले से जुड़ा. इस मामले में 2018 में उन्हें दो साल की सजा सुनाई गई और 2022 में उनकी अपील खारिज होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया.

'बोलो ता रा रा' से रातों-रात बने स्टार

दलेर मेहंदी ने 1995 में अपने एल्बम 'बोलो ता रा रा' से म्यूजिक इंडस्ट्री में बड़ी पहचान बनाई. यह गाना उस दौर में बेहद लोकप्रिय हुआ और दलेर मेहंदी इंडी-पॉप के बड़े नाम बन गए. इसके बाद 'दर्दी रब रब', 'हो जाएगी बल्ले बल्ले' और 'तुनक तुनक तुन' जैसे गानों ने उनकी लोकप्रियता को और बढ़ाया.

'तुनक तुनक तुन' ने बनाई अलग पहचान

1998 में रिलीज हुआ 'तुनक तुनक तुन' आज भी दलेर मेहंदी के सबसे चर्चित गानों में शामिल है. इस गाने के वीडियो में ग्रीन स्क्रीन तकनीक का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें दलेर मेहंदी अलग-अलग रूपों में नजर आए थे. बाद में यह गाना भारत के बाहर भी काफी लोकप्रिय हुआ.

2003 में दर्ज हुआ इमिग्रेशन फ्रॉड केस

दलेर मेहंदी की जिंदगी में विवाद साल 2003 में आया. पटियाला में उनके और उनके भाई शमशेर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि विदेश भेजने के नाम पर उनसे पैसे लिए गए और उन्हें दलेर मेहंदी की म्यूजिक ट्रूप का सदस्य बताकर विदेश भेजने की बात कही गई. एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उससे कनाडा भेजने के नाम पर पैसे लिए गए थे. इसके बाद इस मामले में कई और शिकायतें सामने आईं. 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस के पास दलेर मेहंदी और उनके भाई के खिलाफ 30 से ज्यादा शिकायतें पहुंची थीं.

2018 में सुनाई गई दो साल की सजा

लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद मार्च 2018 में पटियाला की अदालत ने दलेर मेहंदी को दोषी ठहराया और दो साल की जेल की सजा सुनाई. अदालत ने उन पर जुर्माना भी लगाया था. हालांकि, सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें जमानत मिल गई और उन्होंने फैसले को चुनौती दी.

2022 में जाना पड़ा था जेल

जुलाई 2022 में पटियाला की अदालत ने उनकी अपील खारिज करते हुए दो साल की सजा बरकरार रखी. इसके बाद दलेर मेहंदी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया. उन्होंने इसके खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया. सितंबर 2022 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी दो साल की जेल की सजा को आगे की सुनवाई तक सस्पेंड कर दिया. इसके बाद उन्हें राहत मिली.

विवादों के बावजूद कायम रही पहचान

कानूनी विवाद दलेर मेहंदी के करियर का एक अहम हिस्सा जरूर रहा, लेकिन उनके संगीत की लोकप्रियता लंबे समय तक कायम रही. 'बोलो ता रा रा' और 'तुनक तुनक तुन' जैसे गाने आज भी लोगों के बीच पसंद किए जाते हैं. 90 के दशक में पंजाबी पॉप को मुख्यधारा तक पहुंचाने वाले सिंगर्स में दलेर मेहंदी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है.

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By Nikita Singh

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