Tum Dena Saath Mera: सीरियल ‘तुम देना साथ मेरा’ के लेटेस्ट एपिसोड की शुरुआत में अपराजिता, रक्षित से कहती है कि कई बार किसी चीज का अंत ही नई शुरुआत का रास्ता बनता है. वह रक्षित को अपना सबसे बड़ा सहारा बताते हुए मिठाई खिलाती है. हालांकि रक्षित उसके व्यवहार को समझ नहीं पाता और सोच में पड़ जाता है. इरा, अपराजिता को एक नया डिजाइन तैयार करने का काम देती है और तीन दिनों के भीतर उसे पूरा करने की बात कहती है. परेशानी यह थी कि अपराजिता को टैबलेट चलाना नहीं आता था. जब उसने मदद मांगी तो कुछ कर्मचारी उसका मजाक उड़ाने लगे. यह देखकर इरा खुश हो गई.
रक्षित ने हर कदम पर दिया साथ
इरा ने कर्मचारियों को डांटते हुए कहा कि किसी नए कर्मचारी का मजाक बनाना गलत है. इसके बाद उसने अपराजिता को सभी के लिए चाय बनाने का काम दे दिया. अपराजिता बिना किसी शिकायत के पैंट्री में जाकर चाय बनाने लगी. जब रक्षित को पता चला कि अपराजिता चाय बना रही है तो वह तुरंत उसके पास पहुंचा. उसने कहा कि उसे चाय बनाने के बजाय अपने डिजाइन पर ध्यान देना चाहिए. अपराजिता ने कहा कि वह किसी की मदद पर निर्भर नहीं रहना चाहती और अपने काम से लोगों की सोच बदलना चाहती है.
ललित ने मांगी माफी
जब अपराजिता टैबलेट चलाने में परेशान होती है, तब रक्षित सीधे मदद करने के बजाय इशारों में उसे सिखाने की कोशिश करता है. आखिरकार अपराजिता सीखने लगती है और अपने काम पर ध्यान देती है. दूसरी तरफ मालती भगवान हनुमान से अपराजिता की खुशियों के लिए प्रार्थना कर रही थी. तभी ललित वहां पहुंचता है और अपने किए पर पछतावा जताता है. वह खुद को चप्पलों से मारते हुए मालती से अपराजिता को वापस भेजने के लिए कहता है. मालती उसे याद दिलाती है कि उसने अपराजिता पर हाथ उठाया था, जिसकी कोई माफी नहीं हो सकती.
