thukra ke mera pyaar season 2 :जियो हॉटस्टार की लोकप्रिय सीरीज “ठुकरा के मेरा प्यार “का दूसरा सीजन दस्तक दे चुका है.अभिनेत्री संचिता बसु इस ड्रामा सीरीज का प्रमुख चेहरा हैं. शानविका का किरदार उनकी पहचान बन चुका है. बिहार के भागलपुर की रहने वाली संचिता ने इस किरदार, उससे मिले प्यार और अपनी अभिनय यात्रा से जुड़ी कई दिलचस्प बातें उन्होंने उर्मिला कोरी के साथ साझा की हैं.
रियल लाइफ में प्यार की आपकी क्या परिभाषा है. क्या आप बदला लेने में यकीन करती हैं?
मेरे लिए प्यार की परिभाषा सुकून है. यह बेहद खूबसूरत एहसास है. प्यार में जब सेल्फ-रिस्पेक्ट तक पीछे छूट जाती है, तो बदले की गुंजाइश कहां रह जाती है. जिससे आप सच्चा प्यार करते हैं, उससे बदला नहीं ले सकते, क्योंकि प्यार में आप खुद को पूरी तरह समर्पित कर देते हैं. हालांकि, सीरीज में शानविका का संघर्ष सिर्फ अपने प्यार के लिए नहीं है. वह अपने पिता और पति की मौत का बदला लेना चाहती है.
इस सीरीज के प्रमोशन के लिए आप बिहार गयी थी. कैसा अनुभव रहा?
मैं बिहार हर तीन महीने में जाती हूं, लेकिन अपने घर और लोगों के बीच जाना हमेशा ही अच्छा लगता है. मैं बिहार की बेटी हूं, तो मुझे बहुत प्यार मिला.पटना में इस शो के प्रमोशन के लिए गयी थी, तो मेरी पूरी फैमिली वहां पर आयी थी, क्योंकि हमलोग बिहार के भागलपुर से ही हैं. मेरे पापा काफी इमोशनल हो गये थे.उन्होंने कहा कि तुम्हें ऐसे ही आगे बढ़ते देखना चाहता था.वह फीलिंग बहुत ख़ास थी
बिहार से एक्टिंग में आने का सपना देखना कितना मुश्किल था ?
निश्चित तौर पर जर्नी आसान नहीं रही है. स्कूल में रहते हुए ही मैं टिकटॉक वीडियो बनाने लगी थी, तो कुछ टीचर्स थे,जो कमेंट करते थे कि इससे कुछ नहीं होगा. पढ़ाई में ध्यान दो. जब उस टिकटॉक वीडियो की वजह से मुझे साउथ में काम मिला, तो उन्ही टीचर्स का कहना था कि हमको पता था कि तुम बहुत आगे जाओगी. इसलिए सफलता सभी की मुंह बंद कर देती है.
टिकटॉक रील से अभिनय की जर्नी खुद को किस तरह सँवारा ?
टिकटॉक में सिर्फ़ मुझे लिप्सिंग करना होता था लेकिन एक्टिंग बिल्कुल ही अलग चीज है.मैं कभी एक्टिंग स्कूल नहीं गई है . मेरी प्लानिंग एक्टिंग वर्कशॉप करने की है .वैसे सांविका को प्ले करने की जर्नी में मैंने बहुत कुछ सीखा है. नरगिस जी की फिल्में देखी.एक्टर्स के इंटरव्यू देखें . पंकज त्रिपाठी जी का एक इंटरव्यू देखा था . जिसमें उन्होंने कहा था कि एक्टिंग को फील करो. मैंने वही किया और चीजें मेरे लिए थोड़ी आसान हो गई.
सीरीज का सबसे मुश्किल दृश्य क्या था?
टिकटॉक के दिनों में मैं ज्यादातर सलवार-सूट पहनकर वीडियो बनाती थी. अगर कभी जींस या वेस्टर्न आउटफिट में नजर आती, तो लोग मुझे ट्रोल करने लगते थे. ठुकरा के मेरा प्यार में 20 सेकेंड के किसिंग सीन को लेकर भी मुझे काफी आलोचना झेलनी पड़ी, पर मैं इसके लिए तैयार थी, क्योंकि वह कहानी की मांग थी. पूरी स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद ही मैंने इसके लिए हामी भरी थी. वैसे मैंने साउथ की कई फिल्मों में सिर्फ इसलिए काम करने से मना किया, क्योंकि उनमें बेवजह किसिंग सीन थे. ठुकरा के मेरा प्यार में भी यह सीन करना मेरे लिए आसान नहीं था. मैं बहुत रोई थी, क्योंकि मेरा कभी कोई बॉयफ्रेंड नहीं रहा और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि इसे कैसे करना है. तब निर्देशिका श्रद्धा ने मुझे पूरी प्रक्रिया धैर्य के साथ समझाई थी.
शानविका के किरदार ने आपको निजी जिंदगी में कितना प्रभावित किया है?
मैं घर की बड़ी बेटी हूं. बड़ी बेटियों के साथ दिक्कत ये है कि उन्हें हमेशा परफेक्ट रहना है. गलती की कोई गुंजाइश नहीं होती है. इस सीरीज को करने से पहले मैं अपनी बात रखने तक से कतराती थी. जो घरवालों ने बोल दिया, वही करती थी, लेकिन अब मैं अपनी बात रखती हूं.यह मैंने शानविका के किरदार से ही सीखा.
पढ़ाई को किस तरह से बैलेंस कर रही हैं ?
मैं इंग्लिश लिट्रेचर से ग्रेजुएशन कर रही हूँ . कॉरेस्पोंडेंस से पढ़ाई कर रही हूँ.(हंसते हुए) मैं समझकर नहीं बल्कि रटकर पढ़ने वालों में से हूँ. मेरा फ़ोकस एक्टिंग पर ही होने वाला है.
