RSS पर बनी फिल्म ‘शतक’ को मिला अजय देवगन का समर्थन, 5 दिन पहले टीजर आया था सामने

Shatak Teaser Out: आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर बनी फिल्म ‘शतक’ का टीजर रिलीज होते ही चर्चा में आ गया है. पहले बाबा रामदेव और अब अजय देवगन ने इस फिल्म को सपार्ट किया है. उनके समर्थन से दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है. जानिए फिल्म के बारे में…

Shatak Teaser Out: आरएसएस की स्थापना के 100 साल पूरे होने पर बनी फिल्म ‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ इन दिनों खूब चर्चा में है. हाल ही में इसका टीजर रिलीज हुआ और आते ही इसने लोगों का ध्यान खींच लिया. शताब्दी वर्ष के मौके पर आई यह फिल्म संघ की सोच, उसके सामाजिक काम और राष्ट्र जीवन में उसकी भूमिका को सामने रखने की कोशिश करती है.

अजय देवगन ने किया समर्थन

टीजर सामने आने के बाद देशभर में इस पर बहस शुरू हो गई है. योग गुरु बाबा रामदेव के बाद अब अभिनेता अजय देवगन ने भी फिल्म का खुलकर समर्थन किया है. अजय देवगन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए आरएसएस को 100 साल पूरे होने की बधाई दी और कहा कि संघ ने राष्ट्र निर्माण में बड़ा योगदान दिया है. उन्होंने फिल्म ‘शतक’ की टीम को शुभकामनाएं भी दीं और इसे संघ की यात्रा को समझने की कोशिश बताया. इससे पहले फिल्म का गाना ‘भगवा है अपनी पहचान’ दिल्ली स्थित संघ मुख्यालय केशव कुंज में लॉन्च किया गया था. इस मौके पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और वरिष्ठ प्रचारक भैयाजी जोशी भी मौजूद रहे.

टीजर में क्या दिखा?

टीजर की शुरुआत एक दमदार लाइन से होती है, “यह एक ऐसे विचार की कहानी है, जिसे बार-बार मिटाने की कोशिश की गई”. साफ है कि फिल्म संघ को लेकर फैली गलतफहमियों और सवालों का जवाब देने की कोशिश करती है. इसमें संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और गुरुजी गोलवलकर जैसे व्यक्तित्वों के योगदान को दिखाया गया है, जिनका नाम अक्सर पीछे रह जाता है. साथ ही लोकमान्य तिलक और महात्मा गांधी जैसे नेताओं की झलक भी टीजर में देखने को मिलती है. स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आपातकाल तक के दौर में संघ की भूमिका को भी छूने की कोशिश की गई है.

आशीष मॉल ने किया फिल्म को डायरेक्ट

फिल्म का निर्देशन आशीष मॉल ने किया है और इसके निर्माता वीर कपूर हैं. मेकर्स का कहना है कि 1875 से 1950 के बीच बने आंदोलनों में संघ ऐसा संगठन रहा है, जिसने बिना रुके अपनी यात्रा जारी रखी. यही वजह है कि फिल्म की टैगलाइन रखी गई है, ‘न रुके, न थके, न झुके’.

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By Aniket kumar

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