Salman Khan Bigg Boss 20: सलमान में वो बात नहीं रही? कभी शो के ‘बॉस’ थे, अब Weekend Ka Vaar में सिर्फ ड्यूटी करते दिखे!

Salman Khan Bigg Boss 20: बिग बॉस में सलमान खान की एंट्री अब पहले जैसी धड़कनें क्यों नहीं बढ़ाती? जानिए कैसे होस्ट का 'भाई' वाला अंदाज़ फीका पड़ गया है.

Salman Khan Bigg Boss 20: कभी सलमान ख़ान का Weekend Ka Vaar शुरू होता था तो घरवालों की धड़कन बढ़ जाती थी और दर्शक अपनी कुर्सी पर सीधे बैठ जाते थे. वजह सिर्फ सलमान की स्टार पावर नहीं थी. वजह थी उनका involvement. वह घरवालों के खेल में घुसते थे, उनकी चाल पकड़ते थे, झूठ पर भड़कते थे और कभी-कभी एक चेहरे को देखकर ही पूरा गेम पढ़ लेते थे.

लेकिन अब?

सलमान आते हैं, बोलते हैं, मुस्कुराते हैं, कुछ मजाक करते हैं और चले जाते हैं.

और सबसे ज्यादा खटकने वाली बात यही है- अब उनके आने से Bigg Boss का तापमान पहले जैसा नहीं बढ़ता.

Salman तो वही हैं, फिर ‘भाई’ वाला असर कहां गया?

सलमान की सबसे बड़ी USP उनका स्टारडम कभी नहीं रहा. उनका असली हथियार था उनका attitude.

एक नजर.

एक लंबा pause.

हल्की सी मुस्कान.

और सामने वाला समझ जाता था कि अब बचना मुश्किल है.

कभी-कभी तो सलमान के एक सवाल में पूरा Weekend Ka Vaar समा जाता था.

लेकिन इस बार उन्हें देखकर कई जगह ऐसा लगा जैसे वह खुद इस खेल से थोड़ा बाहर खड़े हैं.

घर में क्या चल रहा है, यह दर्शक जानना चाहता है. सलमान क्या सोच रहे हैं, इसमें अब वह पुरानी बेचैनी दिखाई नहीं देती.

और यह फर्क छोटा नहीं है.

पहले Salman ‘host’ नहीं, Bigg Boss का दूसरा चेहरा थे

शुरुआती seasons में Salman सिर्फ anchor नहीं थे. वह शो के unofficial judge, commentator और कभी-कभी सबसे बड़े critic होते थे.

किसी contestant ने कुछ गलत किया तो Salman का reaction कहानी बन जाता था.

किसी ने अच्छा खेला तो उनकी तारीफ contestant की पूरी journey का validation बन जाती थी.

किसी ने उन्हें challenge किया तो Weekend Ka Vaar अगले दिन तक चर्चा में रहता था.

आज समस्या यह है कि कई बार Salman खुद episode का सबसे predictable हिस्सा लगते हैं.

आएंगे.

कुछ बातें होंगी.

कुछ jokes होंगे.

किसी को समझाया जाएगा.

किसी की तारीफ होगी.

और फिर episode खत्म.

कहां गया वह unpredictability?

कहां गया वह डर?

कहां गया वह feeling कि “आज Salman क्या बोल देंगे, पता नहीं?”

चेहरे पर भी दिखता है फर्क

Television पर personality सिर्फ dialogue से नहीं बनती.

आंखें भी बोलती हैं.

चेहरे की बेचैनी, irritation, excitement, sarcasm, curiosity- ये सब कैमरा पकड़ लेता है.

पुराने Salman को देखिए तो कई बार लगता था कि वह contestant की बात सुन नहीं रहे, उसकी बात को dissect कर रहे हैं.

अब कई moments में expression ज्यादा controlled और detached लगता है.

ना वह पुराना गुस्सा.

ना वैसी curiosity.

ना वह instant reaction.

कई बार तो ऐसा महसूस होता है कि सलमान को contestant से ज्यादा episode खत्म होने की जल्दी है.

क्या यह सच है?

हम नहीं जानते.

लेकिन स्क्रीन पर जो दिखाई देता है, उस पर सवाल तो बनता है.

Salman का ‘Swag’ अब routine बन गया है!

सलमान का swag कभी effortless था.

वह कमरे में आते थे और माहौल बदल जाता था.

आज वही swag एक established formula जैसा लगता है.

और जब swag formula बन जाए, तो उसकी धार अपने आप कम होने लगती है.

पहले सलमान की चुप्पी भी attitude थी. अब कई बार चुप्पी सिर्फ चुप्पी लगती है.

पहले उनकी मुस्कान में sarcasm होता था.

अब कई बार वही मुस्कान औपचारिक लगती है.

पहले उनका “क्या कर रहे हो?” contestant को अंदर तक हिला देता था.

अब वही सवाल television format का हिस्सा लगता है.

यह फर्क Salman की स्टार पावर में नहीं, उनकी engagement में महसूस होता है.

Bigg Boss ने Salman को बहुत कुछ दिया, लेकिन Salman ने भी शो को बनाया

इस रिश्ते को एकतरफा देखना गलत होगा.

Bigg Boss की TRP journey में Salman Khan का योगदान बहुत बड़ा रहा है.

लेकिन दूसरी तरफ यह भी सच है कि Bigg Boss ने Salman को एक ऐसी television identity दी, जो उनकी फिल्मों से अलग थी.

यहां वह सिर्फ अभिनेता नहीं थे.

यहां वह ‘भाई’ थे.

कभी mentor.

कभी policeman.

कभी दोस्त.

कभी judge.

कभी खुद audience.

यही वजह है कि आज जब Salman थोड़ा detached दिखाई देते हैं तो फर्क तुरंत पकड़ में आता है.

क्योंकि दर्शक सिर्फ host को नहीं देख रहे.

वे उस Salman को ढूंढ रहे हैं, जिसने सालों तक Bigg Boss को अपनी personality का extension बना दिया था.

क्या Salman को अब Bigg Boss से फर्क पड़ता भी है?

यही वह सवाल है जो शायद सबसे ज्यादा uncomfortable है.

और इसका जवाब कोई बाहर बैठा व्यक्ति नहीं दे सकता.

लेकिन स्क्रीन पर एक चीज साफ दिखती है- पहले Salman शो को control करते हुए लगते थे, अब कई बार शो उन्हें carry करता हुआ लगता है.

पहले episode की energy Salman बनाते थे.

अब format energy बनाता है और Salman उसे present करते हैं.

यह अंतर छोटा नहीं है.

क्योंकि जब कोई host इतना बड़ा हो जाए कि शो उसके नाम से बिके, तो उससे सिर्फ मौजूद रहने की उम्मीद नहीं होती.

उससे शो में जान डालने की उम्मीद होती है.

Qazi के साथ मस्ती अच्छी थी, लेकिन सवाल वहीं है

इस Weekend Ka Vaar में Qazi Touqeer के साथ Salman का मजाकिया अंदाज दिखा. “I am a rockstar baby” वाली energy को लेकर भी खूब चर्चा हुई.

लेकिन यही तो सवाल है.

Salman जब मस्ती करते हैं तो अब भी audience उन्हें पसंद करती है.

फिर वह पुराना sharp Salman क्यों कम दिखता है?

क्यों नहीं लगता कि वह हर contestant की psychology पर नजर रख रहे हैं?

क्यों नहीं लगता कि वह खुद episode का सबसे बड़ा player हैं?

क्यों?

क्योंकि शायद Salman अब Bigg Boss के अंदर उतने invested नहीं हैं, जितने कभी हुआ करते थे.

और अगर ऐसा है, तो यह शो के लिए बड़ा warning sign है.

Salman की Bigg Boss Journey का सबसे बड़ा irony

जिस Salman ने Bigg Boss को अपने दम पर इतना बड़ा बनाया, आज उसी Bigg Boss में उनकी सबसे बड़ी कमी महसूस हो रही है- Salman Khan की पुरानी Salman Khan वाली मौजूदगी.

स्टारडम अभी है.

फीस अभी होगी.

फैन following अभी है.

Camera presence अभी भी है.

लेकिन वह hunger?

वह सवाल है.

कभी Salman Weekend Ka Vaar में आते थे तो लगता था- अब हिसाब होगा.

अब कई बार लगता है-

“Weekend Ka Vaar है, तो Salman को आना ही है.”

और शायद यही सबसे brutal फर्क है.

पहले Salman की entry एक event होती थी.

अब वह कई बार सिर्फ schedule लगती है.

हो सकता है Salman बिल्कुल न बदले हों.

हो सकता है यह सिर्फ format fatigue हो.

हो सकता है लगातार इतने seasons के बाद उनके लिए यह सब routine बन चुका हो.

लेकिन दर्शक भी तो इतने सालों में बदल गए हैं.

उन्हें अब सिर्फ Salman का चेहरा नहीं चाहिए.

उन्हें वही Salman चाहिए, जो Bigg Boss को देखते थे, पढ़ते थे, पकड़ते थे और जरूरत पड़ने पर फाड़कर रख देते थे.

क्योंकि सच यही है-

Bigg Boss को आज भी Salman Khan की जरूरत है. लेकिन इस बार सवाल उल्टा है- क्या Salman Khan को अब Bigg Boss की उतनी जरूरत महसूस होती है?

और इस सवाल का जवाब शायद किसी dialogue में नहीं मिलेगा.

सलमान के अगले Weekend Ka Vaar में उनके चेहरे पर मिलेगा.

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लेखक के बारे में

By नेहा वर्मा

Neha Verma is an entertainment journalist with over 11 years of experience in Bollywood and digital journalism. She has worked with leading media brands including Aaj Tak, Navbharat Times and Dainik Jagran, reporting on celebrities, films, television and the wider entertainment industry. Known for her exclusive stories and breaking news coverage, she has worked in both Delhi and Mumbai. She currently heads the Entertainment section at Prabhat Khabar Digital.

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