एक्टर मुकेश खन्ना अपने बेबाक बयानों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. इस बार उन्होंने NEET-UG परीक्षा विवाद को लेकर हुए प्रदर्शनों और CJP को लेकर बड़ा दावा किया है. खन्ना का कहना है कि यह आंदोलन केवल छात्रों की नाराजगी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे सरकार को घेरने की कोशिश भी की गई.
मुकेश खन्ना ने कहा कि NEET विवाद के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों में ऐसे लोग भी शामिल थे, जिनका छात्रों के हितों से कोई संबंध नहीं था. उनके मुताबिक, कुछ समूहों ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की और ऐसा माहौल बनाया गया कि पूरा युवा वर्ग सरकार के खिलाफ खड़ा है. उन्होंने दावा किया कि यह तस्वीर वास्तविकता से अलग थी.
अभिनेता ने CJP पर निशाना साधते हुए कहा कि संगठन का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाना था. उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन किसी आंदोलन का इस्तेमाल राजनीतिक मकसद के लिए नहीं होना चाहिए.
मुकेश खन्ना ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा पर भी आपत्ति जताई. उनका कहना था कि असहमति व्यक्त करने का अधिकार सभी को है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और अभद्र भाषा किसी भी आंदोलन की गंभीरता को कम कर देती है.
मुकेश खन्ना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है. जहां कुछ लोग उनके दावों का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कई यूजर्स ने उनके आरोपों पर सवाल भी उठाए हैं. CJP की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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