क्या OTT का फैनडम लोगों को घर के प्राइवेट व्यूइंग स्पेस से निकालकर सिनेमा हॉल के पब्लिक एक्सपीरियंस तक ला सकता है? Mirzapur: The Movie इसी सवाल का जवाब देने वाली है.
4 सितंबर को फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. Amazon Original की ये पॉपुलर सीरीज अब नए अंदाज में बड़े पर्दे पर गदर मचाने आ रही है. हालांकि इस बार कहानी सिर्फ गुड्डू पंडित, कालीन भैया या मिर्जापुर की गद्दी तक सीमित नहीं रहने वाली.
फिल्म की कहानी और किरदारों के भौकाली अंदाज से आगे असली चैलेंज ब्रांड मिर्जापुर को OTT से थिएटर तक ले जाने का है. इसलिए फिल्म का असली टेस्ट ये नहीं होगा कि इसने कितना गदर मचाया, बल्कि ये होगा कि OTT पर करोड़ों बार देखी गई इस सीरीज के लिए लोग टिकट खरीदकर थिएटर तक पहुंचते हैं या नहीं.
पहले से तैयार Mirzapur के ऑडियंस को सिनेमाघरों में नया क्या मिलेगा.
- मिर्जापुर की सबसे बड़ी स्ट्रेंथ ये है कि इसकी ऑडियंस पहले से तैयार है. लेकिन असली सवाल ये है कि वही ऑडियंस थिएटर में जाकर नया क्या एक्सपीरियंस करेगी?
- OTT और थिएटर का एक्सपीरियंस काफी अलग है. घर पर OTT देखना ज्यादा पर्सनल एक्सपीरियंस होता है.आप अपनी सुविधा से देखते हैं, कभी भी रोक सकते हैं और अक्सर अकेले या छोटे ग्रुप में देखते हैं.
- वहीं थिएटर एक फुल ऑन सोशल एक्सपीरियंस है. किसी डायलॉग पर पूरा हॉल हंस सकता है, किसी किरदार की एंट्री पर सीटियां और शोर हो सकता है. यानी आसपास बैठे लोगों का रिएक्शन भी फिल्म देखने के मजे का हिस्सा बन जाता है.
- लेकिन मिर्जापुर के लिए असली चैलेंज कंटेंट का है. जिस रॉ, वायलेंट और बेबाक अंदाज के लिए ये सीरीज फेमस है, क्या फिल्म बड़े पर्दे पर भी वही वाइब बनाए रख पाएगी? क्या क्राइम, पॉलिटिक्स और गैंगवार वाला वही माहौल देखने को मिलेगा?
- क्राइम और पॉलिटिक्स की इस दुनिया में कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी), गुड्डू पंडित (अली फज़ल), मुन्ना त्रिपाठी (दिव्येंदु), गोलू गुप्ता (श्वेता त्रिपाठी) और बीना त्रिपाठी (रसिका दुग्गल) जैसे किरदार इस बार क्या नया लेकर आ रहे हैं, यही फिल्म की सबसे बड़ी क्यूरियोसिटी है.
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OTT फैन फॉलोइंग, बॉक्स ऑफिस पर कितना दिखाएगी दम?
- मिर्जापूर की एक ताकत इसकी पहले से बनी हुई OTT फैन फॉलोइंग है. इसके तीसरे सीजन को 30 मिलियन से ज्यादा स्ट्रीम मिले थे और यह Prime Video की Top 10 Trending लिस्ट में 85 से ज्यादा देशों में शामिल रहा.
- अब फिल्म के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यही फैन बेस टिकट खरीदकर थिएटर तक भी पहुंचेगा.अगर ऐसा होता है, तो फिल्म को रिलीज से पहले ही एक मजबूत दर्शक आधार मिल सकता है.
- हालांकि OTT पर मिले व्यूज को सीधे बॉक्स ऑफिस कमाई से जोड़ना सही नहीं होगा. फिल्म की असली परीक्षा यह होगी कि कितने दर्शक अपने घर की स्क्रीन छोड़कर उसे बड़े पर्दे पर देखने के लिए पैसे खर्च करते हैं.
- दर्शकों के थिएटर आने के सवाल का जवाब तो मिलने लगा है. दरअसल सैकनिल्क की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2 सितंबर सुबह 9 बजे तक फिल्म ने 68 हजार 121 टिकट बेचकर करीब 1.98 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया है.
ओटीटी की जगह थिएटर में क्यों रिलीज हो रही मिर्जापुर?
- ज के टाइम में सिर्फ फिल्म बनाना ही काफी नहीं है, ऑडियंस को थिएटर तक लाना भी बड़ा चैलेंज है. OTT ने घर बैठे एंटरटेनमेंट इतना आसान कर दिया है कि कई फिल्मों के लिए सिनेमा हॉल तक दर्शक लाना मुश्किल हो गया है.
- PVR INOX के FY2025 रिपोर्ट में करीब 13.69 करोड़ एडमिशन हुए, जो पिछले साल के मुकाबले कम है. यानी थिएटर में दर्शकों की फुटफॉल घटी है।
- लेकिन इसी माहौल में Mirzapur: The Movie एकदम उलटा गेम खेल रही है. जब ‘मिर्जापुर’ का फैनडम पहले ही OTT पर बन चुका था, तो फिर थिएटर जाने की जरूरत क्या है? दरअसल, यही मिर्जापुर का असली एक्सपेरिमेंट है.
- आमतौर पर फिल्म पहले थिएटर में आती है और फिर OTT पर पहुंचती है.मिर्जापुर इसका उलटा कर रही है. पहले OTT ने ऑडियंस बनाई, फैनडम खड़ा किया और अब वही फैनडम टिकट खरीदकर थिएटर तक आएगा या नहीं, इसे टेस्ट किया जा रहा है.
- क्योंकि घर पर मिर्जापुर देखना और थिएटर में देखना दो बिल्कुल अलग एक्सपीरियंस होने वाला है. बड़ी स्क्रीन, तेज साउंड और सैकड़ों फैंस के साथ किसी बड़े सीन पर रिएक्शन, यानी प्राइवेट व्यूइंग को कलेक्टिव एक्सपीरियंस में बदला जा सकता है.
- PVR INOX भी इसी आइडिया को पुश कर रहा है. कुछ शहरों में चुनिंदा थिएटरों को मिर्जापीवीआर के तौर पर रिब्रांड किया गया है.
यानी असली टेस्ट ये है कि OTT पर बना फैनडम लोगों को घर की स्क्रीन से उठाकर थिएटर की सीट तक ला सकता है या नहीं. अगर जवाब हां है, तो मिर्जापुर सिर्फ एक फिल्म नहीं रहेगी, बल्कि OTT और थिएटर के बीच एक नए बिजनेस मॉडल का रास्ता खोल सकती है,जहां पहले OTT ऑडियंस और फैनडम बनाए, और फिर थिएटर उसी फैनडम को फुटफॉल और पेड एक्सपीरियंस में बदल दे.
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