Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2: टीवी शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के नए एपिसोड में परिवार के अंदर प्रोपर्टी शेयर को लेकर बड़ा विवाद हो जाता है. शुरुआत में रियो साफ कह देता है कि उसे किसी भी प्रॉपर्टी में दिलचस्पी नहीं है. हालांकि तुलसी उसे समझाती है कि परिवार के बाकी लोगों की तरह उसका भी बराबर हक है. करण भी रियो को मां से सम्मान से बात करने की सलाह देता है और भरोसा दिलाता है कि वह दिल्ली जरूर जाएगा.
देव अपना हिस्सा मांगने लगता है
दूसरी तरफ देव का कहना है कि पार्थ इस प्रोपर्टी में बराबरी का हकदार नहीं है. वह यह भी बताता है कि पुश्तैनी घर पार्थ के नाम पर है और जरूरत पड़े तो वह उसे वापस करने के लिए तैयार है. लेकिन तुलसी साफ मना कर देती है और कहती है कि पार्थ को कुछ लौटाने की जरूरत नहीं है. इसी बीच देव अपनी हिस्सेदारी अपने नाम करवाने की बात करता है क्योंकि वह उसे बेचने का मन बना चुका है. साहिल इस फैसले का विरोध करता है, लेकिन देव अपनी बात पर अड़ा रहता है.
नंदिनी और रियो में हुई बहस
घर में माहौल तब और तनावपूर्ण हो जाता है जब रियो, देव का सपोर्ट करने लगता है. वह खुलकर पार्थ के खिलाफ खड़ा हो जाता है. ऋतिक उसे समझाने की कोशिश करता है कि वह परिवार का नया सदस्य है और उसे इन मामलों में दखल नहीं देना चाहिए, लेकिन रियो साफ कह देता है कि भले ही उसे परिवार की राजनीति में दिलचस्पी न हो, फिर भी वह देव की बात से सहमत है. नंदिनी यह सुनकर नाराज हो जाती है और रियो को उसकी हद याद दिलाती है. इसी दौरान रियो नंदिनी पर अपने पिता के साथ हुए घटनाक्रम का आरोप लगाने लगता है, जिससे दोनों के बीच तीखी बहस छिड़ जाती है.
तुलसी को अपने किए पर हुआ पछतावा
इधर खुशबू, नंदिनी को संभालने की कोशिश करती है. वह रियो को समझाती है कि किसी महिला के सम्मान और सहमति का क्या महत्व होता है. लेकिन रियो उल्टा तुलसी और नंदिनी पर ही कानून का गलत फायदा उठाने का आरोप लगा देता है. आखिर में तुलसी को एहसास होता है कि शायद रियो को शांतिनिकेतन बुलाना उसकी बड़ी गलती थी.
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