Jewel Thief Review: एक शानदार चोरी की कहानी, जिसमें निकिता दत्ता का जादू छाया

Jewel Thief Review: ज्वेल थीफ के साथ सैफ अली खान अपने सबसे शानदार और स्टाइलिश अवतार में वापस आ गए हैं. फिल्म की शुरुआत अलीबाग में मशहूर आर्ट कलेक्टर राजन औलाख के आलीशान फार्महाउस के एक सीक्वेंस से होती है. जहां कला के पारखी उनके महंगे पोर्ट्रेट और पेंटिंग के कलेक्शन की सराहना करते हैं, वहीं राजन अपने अकाउंटेंट की पिटाई करने में व्यस्त हैं, जिसने उनके ऑफशोर अकाउंट से जुड़े डेटा को इंटरपोल को लीक कर दिया है.

फिल्म- ज्वेल थीफ- द हीस्ट बिगिन्स

निर्देशक- रॉबी ग्रेवाल, कूकी गुलाटी

कलाकार- निकिता दत्ता, जयदीप अहलावत, सैफ अली खान, कुणाल कपूर, रोसाना एल्सा स्कुगिया, पिओत्र पामुला, उज्जवल गौराहा

प्लेटफार्म – नेटफ्लिक्स

रेटिंग – 4/5 सितारे

फिल्म की अवधि: 1 घंटा 57 मिनट

Jewel Thief Review: ‘ज्वेल थीफ- द हीस्ट बिगिन्स’ एक तेज-तर्रार और दिलचस्प डकैती पर आधारित थ्रिलर है. कहानी घूमती है शातिर चोर रेहान रॉय के चारों ओर, जिसे सैफ अली खान ने अपनी सहज अदाकारी से जीवंत किया है. उसे मुंबई के खूंखार डॉन राजन औलाख (जयदीप अहलावत ने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है) की ओर से 500 करोड़ के हीरों की एक बड़ी चोरी को अंजाम देने का काम सौंपा जाता है, लेकिन कहानी में असली मोड़ तब आता है, जब रहस्यमयी फराह (आकर्षक निकिता दत्ता की ओर से अभिनीत) प्रवेश करती है, जो साजिश और अप्रत्याशितता की एक नई परत जोड़ती है. हालांकि मुख्य टकराव रेहान और राजन के खतरनाक खेल के इर्द-गिर्द केंद्रित है, निकिता दत्ता का प्रदर्शन फिल्म का असली हीरा साबित होता है, जो हर दृश्य में एक सम्मोहक आकर्षण भर देता है.

एक्शन और रोमांचक सीक्वेंस देते हैं भरपूर मनोरंजन

सिद्धार्थ आनंद के प्रोडक्शन हाउस के तहत बनी यह फिल्म उनकी पिछली फिल्मों की भव्यता को बरकरार रखती है. इसमें दिखाए गए शानदार और खर्चीले लोकेशन्स आंखों को सुकून देते हैं. बेहतरीन ढंग से कोरियोग्राफ किए गए एक्शन और रोमांचक चेज सीक्वेंस फिल्म को भरपूर मनोरंजन मूल्य प्रदान करते हैं. हालांकि, यह निकिता दत्ता ही हैं, जो इस मनोरंजक मिश्रण में जरूरी चमक और आकर्षण लाती हैं. फिल्म में आने वाले अनगिनत ट्विस्ट और टर्न दर्शकों को बांधे रखते हैं, और दूसरा भाग भी पहले जितना ही रोमांचक है. निस्संदेह, निकिता दत्ता फिल्म का एक सुखद आश्चर्य हैं.

निकिता दत्ता की पहली फिल्म है ज्वेल थीफ

सिद्धार्थ आनंद की सिनेमाई दुनिया में यह निकिता दत्ता की पहली फिल्म है, और उन्होंने एक क्लासिक बॉलीवुड नायिका के चिरस्थायी आकर्षण को बखूबी निभाया है. फराह के किरदार को उन्होंने बारीकी और आकर्षण के साथ प्रस्तुत किया है, अपनी अभिनय प्रतिभा और प्रभावशाली एक्शन सीन्स से दर्शकों का ध्यान खींचा है. हालांकि उनके किरदार को और भी धारदार संवाद और एक गहरी कहानी मिल सकती थी, दत्ता हाई-ऑक्टेन एक्शन और भावनात्मक दृश्यों दोनों में अपनी चमक बिखेरती हैं. उनकी ऑन-स्क्रीन उपस्थिति वाकई में चुंबकीय है.

दर्शकों को अंत तक बांधे रखेगी ज्वेल थीफ

सिद्धार्थ आनंद की मूल कहानी अपेक्षाकृत सीधी है, अनीषा रायसुराना और नील बलथाजर की ओर से लिखी गई जटिल और परतदार स्क्रिप्ट दर्शकों को अंत तक बांधे रखने में सफल रहती है. फिल्म रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण किरदारों की बैकग्राउंड और उनकी प्रेरणाओं को उजागर करती है, जैसे कि फराह, रेहान और राजन के बीच जटिल रिश्ते, और उनके असाधारण कौशल की उत्पत्ति. कुशलता से बुने गए फ्लैशबैक और महत्वपूर्ण घटनाएं कहानी को सटीकता के साथ आगे बढ़ाती हैं.

अली खान और जयदीप अहलावत की केमिस्ट्री ने जीता दिल

निर्माता सिद्धार्थ आनंद की निर्देशन शैली ‘मिशन इम्पॉसिबल’ और ‘केजीएफ’ जैसी ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइजी से स्पष्ट रूप से प्रेरित है, जिसमें परिचित लेकिन प्रभावी सिनेमाई तत्वों को सहजता से शामिल किया गया है. फिल्म अच्छी तरह से स्थापित एक्शन दृश्यों के साथ एक गतिशील लय बनाए रखती है. सिद्धार्थ आनंद की अपने मुख्य कलाकारों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करने की विशिष्ट प्रतिभा यहां भी दिखाई देती है, जिसमें निकिता दत्ता की स्क्रीन उपस्थिति बेहद मनोरम है. सैफ अली खान और जयदीप अहलावत के बीच की केमिस्ट्री फिल्म की एक और बड़ी ताकत है.

मनोरंजन से भरपूर है सिनेमाई एक्शन फिल्म

हालांकि फिल्म कभी-कभी सिनेमाई छूट लेती है और कुछ सीन्स में वास्तविकता से थोड़ी दूर जाती है, लेकिन एक्शन सीन्स की शानदार शैली और आकर्षण दर्शकों को इसे नजरअंदाज करने की अनुमति देता है. सावधानीपूर्वक डिजाइन किए गए एक्शन सेट पीस में आधुनिक हथियारों, वाहनों और विमानों की एक शानदार सीरीज दिखाई गई है. अंततः एक शुद्ध एक्शन तमाशे के रूप में कल्पना की गई, जो इसका मुख्य आकर्षण भी है, ‘ज्वेल थीफ – द हीस्ट बिगिन्स’ इस शैली के फैंस का भरपूर मनोरंजन करने के लिए तैयार है.

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By Ashish Lata

आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

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