फिल्म - इनसिडियस आउट ऑफ द फर्दर
निर्माता -स्क्रीन जेम्स,ब्लूमहाउस प्रोडक्शन,
निर्देशक -जैकब चेस
कलाकार -एमिलिया एवा,लिन शाय,आइलैंड ऑस्टिन, सैम स्प्रूइल,जोसेफ लोपेज,ब्रैडनॉन और अन्य
प्लेटफार्म - सिनेमाघर
रेटिंग -ढाई
insidious out of the further review :हॉलीवुड की हॉरर फ्रेंचाइजी फिल्मों में इनसिडियस ने डरावनी फिल्मों को एक नयी दिशा दी है.यही वजह है कि 2010 में रिलीज हुई इस फ्रेंचाइजी ने आज छठी किस्त पूरी कर ली है. इनसिडियस आउट ऑफ द फर्दर की इस नयी क़िस्त ने सिनेमाघरों में दस्तक दे दी है. इस में क्या कुछ है खास और कहां नहीं बनी बात.जानते हैं इस रिव्यु में
ये है कहानी
हॉरर फ्रेंचाइजी की इस छठी क़िस्त में कहानी लैबर्ट फॅमिली से बढ़कर एक नए परिवार में पहुँच गयी है. कहानी की शुरुआत साल 1999 के फ्लैशबैक से शुरू होती है. जेमा अपने चाइल्डहुड में है.वह अपनी माँ से बहुत डरती है. उसकी माँ इंग्रिड (लौरा गॉर्डन ) अजीबोगरीब हरकतें करती रहती है.कभी चाक़ू लेकर घर में घूमती नज़र आती हैं तो कभी अजीब सी आवाजें निकालते हुए दिखती हैं. जिसे देखकर जेमा डरती है. एक दिन जेमा की मां खुद की जान ले लेती है और कहानी 20 साल आगे बढ़ जाती है. जेमा(एमिलिया एवा ) डेंटिस्ट है और सिंगल मदर है. वह अपनी बेटी माया (आइलैंड ऑस्टिन )के साथ ख़ास रिश्ता शेयर करती है. उसकी कोशिश है कि वह अपनी माँ जैसी ना बनें,लेकिन जल्द ही जेमा भी अपनी माँ की तरह हमेशा परेशान रहने लगती है.उसे महसूस होता है कि सुपरनैचुरल की बुरी ताकतें उसे निशाना बना रही हैं क्योंकि उसके पास दूसरी दुनिया में ना सिर्फ जाने की बल्कि वहां की चीजों और आत्माओं को भी लाने की क्षमता है. शैतानी आत्मा सायरस (सैम )उसका इस्तेमाल कर रही है. क्या ये बुरी आत्मा जेमा की माँ की आत्महत्या की भी वजह थी.जेमा की मदद इन बुरी शक्ति से कौन करेगा। क्या जेमा की बेटी भी इनका शिकार बनेगी. आगे इन्ही सवालों का जवाब फिल्म की कहानी देती है.
फ्रेंचाइजी के बावजूद इंडिपेंडेंट
फिल्म हॉरर फ्रेंचाइजी की यह छठी क़िस्त है. अगर आपने इस फ्रेंचाइजी की पिछली फिल्मों को नहीं भी देखा तो भी आप इस फिल्म को देख सकते हैं. इस फिल्म में नए किरदार हैं, जो एक नयी कहानी को सामने रखते हैं. आप इसे स्वंत्रत हॉरर फिल्म के लिए देख सकते हैं.इनसिडियस की पिछली फिल्मों की तरह यहां भी घर नहीं बल्कि इंसान ही हॉन्टेड है. जो दूसरी दुनिया में रहने वाले लोगों को देख सकता है ,यहाँ भी जेमा के किरदार में यह खूबी है लेकिन इस छठी क़िस्त में यह किरदार ना सिर्फ उन आत्माओं को देख सकता है बल्कि उन्हें इंसानों की दुनिया में ला भी सकती है. इस बार इनसिडियस का किरदार कर्रिर नहीं कुरियर है.यही पहलू इस बार फिल्म को पिछली फिल्म से अलग बनाता है.आनेवाले वक़्त में जेमा के परिवार पर ही इस फ्रेंचाइजी की जिम्मेदारी होने वाली है. यह तय है.
डराती है लेकिन टुकड़ों में
फिल्म का पहला भाग स्लो है. दूसरे भाग में फिल्म रफ्तार पकड़ती है.यह एक हॉरर फिल्म है.फिल्म में कई डरवाने दृश्य है.जम्प स्केर्स फर्स्ट हाफ में जमकर है. कुशन वाला सीन पूरी फिल्म में सबसे शानदार है. फिर डेंटिस्ट वाला. सेकेंड हाफ में डॉग वाला सीन भी अच्छा बन पड़ा है.फिल्म की प्रस्तुति में संतरे में चित्र बनाकर जिस तरह से जेमा को गाइड किया गया है.वह फिल्म को अलग रंग देता है. डराने के मामले में फिल्म में सबकुछ परफेक्ट है.ऐसा भी नहीं है.पैनकेक मेकअप वाले चेहरे और काली कॉन्टेक्ट लेंस वाली आँखें एक समय के बाद डराना बंद कर देती है.हॉरर के लिए धुएं का इस्तेमाल मौजूदा दौर में करना अखरता है.
लीन शाय ने फिर चमक बिखेरी
अभिनेत्री एमिलया एवा,जेमा के किरदार में अपनी छाप छोड़ती है. वह कई दृश्यों में कमजोर अपने से जूझते हुए दिखती हैं तो कई दृश्यों में उन्होंने सशक्त माँ के तौर पर अपनी छाप छोड़ी है.इंसिडियस के ओरिजिनल स्टार पेट्रिक विल्सन की झलक भर फिल्म में नजर आयी है तो अभिनेत्री लीन शाय ने एक बार फिर एलिस की भूमिका में इंसिडियस के फैंस को फिल्म से जोड़ दिया है.सैम, जोसफ सहित बाकी के किरदारों ने ने भी अपनी -अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय किया है.
--
