नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के तेज बहाव में पानी और मलबे ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है. इस तरह की प्राकृतिक आपदा सिर्फ जमीन पर मौजूद लोगों के लिए ही खौफनाक नहीं होती, बल्कि इसके बाद की स्थिति भी बेहद मुश्किल होती है. ऐसे में सिनेमा की कुछ ऐसी फिल्मों की याद आती है, जिनकी कहानी या अहम हिस्से बाढ़, भारी बारिश, बांध टूटने या पानी से जुड़ी प्राकृतिक आपदा के इर्द-गिर्द घूमते हैं.
‘केदारनाथ’ में दिखा 2013 की बाढ़ का खौफ
साल 2018 में रिलीज हुई ‘केदारनाथ’ इस लिस्ट की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है. अभिषेक कपूर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे. फिल्म की कहानी केदारनाथ में आई विनाशकारी प्राकृतिक आपदा की पृष्ठभूमि पर रखी गई थी. कहानी में प्यार के साथ-साथ पहाड़ों में आने वाली अचानक तबाही को भी प्रमुखता से दिखाया गया. फिल्म में भारी बारिश और बाढ़ के बीच लोगों के सामने पैदा हुए हालात को सिनेमाई अंदाज में पेश किया गया था. पानी और मलबे का तेज बहाव किस तरह पूरे इलाके को प्रभावित कर सकता है, फिल्म में इसकी भयावह तस्वीर देखने को मिलती है.
‘तुम मिले’ में मुंबई की बारिश बनी मुसीबत
इमरान हाशमी और सोहा अली खान की ‘तुम मिले’ भी पानी और बारिश से जुड़ी चर्चित फिल्मों में शामिल है. 2009 में रिलीज हुई यह फिल्म मुंबई में आई 2005 की भारी बारिश और बाढ़ की पृष्ठभूमि पर आधारित थी. फिल्म में शहर में अचानक बिगड़े हालात के बीच दो लोगों की कहानी आगे बढ़ती है. बारिश के कारण मुंबई के कई हिस्सों में पानी भरने और लोगों के फंसने जैसे हालात फिल्म की कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. प्राकृतिक आपदा के बीच रिश्तों और इंसानी जज्बात को फिल्म में खास जगह दी गई.
‘डैम 999’ में बांध टूटने का खौफ
‘डैम 999’ का नाम भी पानी से जुड़ी आपदा वाली फिल्मों में लिया जाता है. फिल्म की कहानी एक बड़े बांध और उससे जुड़े खतरे के इर्द-गिर्द घूमती है. कहानी में बांध के टूटने के बाद पैदा होने वाली स्थिति और पानी के बड़े पैमाने पर फैलने का खतरा दिखाया गया है. फिल्म में आपदा के साथ-साथ लोगों के सामने आने वाले संघर्ष को भी कहानी का हिस्सा बनाया गया. यह फिल्म इस बात की कल्पना करती है कि अगर एक विशाल बांध टूट जाए तो उसके आसपास रहने वाले लोगों पर कितना बड़ा संकट आ सकता है.
‘कड़वी हवा’ में दिखा पर्यावरण संकट
संजय मिश्रा और रणवीर शौरी की ‘कड़वी हवा’ सीधे तौर पर बाढ़ की फिल्म नहीं है, लेकिन इसका विषय पर्यावरण और बदलते मौसम से जुड़ा हुआ है. फिल्म में जलवायु परिवर्तन और मौसम में हो रहे बदलावों का आम लोगों की जिंदगी पर असर दिखाया गया है. कहानी में सूखा और पर्यावरणीय संकट जैसे मुद्दों को बेहद गंभीरता से सामने रखा गया है.
फिल्मों में पानी का खौफ क्यों दिखाया जाता है?
बाढ़ पर बनी फिल्मों में सिर्फ पानी की तबाही नहीं दिखाई जाती. ऐसी कहानियों में अक्सर यह दिखाने की कोशिश होती है कि अचानक आई आपदा के सामने इंसान किस तरह अपने परिवार, घर और जिंदगी को बचाने की कोशिश करता है. किसी फिल्म में पानी कहानी के बीच बड़ी चुनौती बनता है, तो कहीं वही पानी पूरी कहानी को बदल देता है. कहीं बांध टूटने का खतरा है, तो कहीं लगातार बारिश शहर की व्यवस्था को रोक देती है. इसी वजह से प्राकृतिक आपदा पर बनी फिल्में दर्शकों को सिर्फ डराती नहीं हैं, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में इंसानी हिम्मत और रिश्तों की अहमियत भी दिखाती हैं.
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