Exclusive: हम एक्टर्स को जितना रिजेक्शन्स झेलना पड़ता है...दुनिया में उतना कोई नहीं झेलता- पारुल गुलाटी

लोकप्रिय वेब सीरीज गर्ल्स हॉस्टल में अभिनेत्री पारुल गुलाटी, जाहिरा के किरदार में नजर आ रही हैं. वह बताती हैं कि एक बार उस किरदार को कर लेने क़े बावजूद उससे एक बार फिर से जुड़ते हुए मन में यें सवाल आते ही हैं कि ये किरदार तो मैंने कर लिया है.

लोकप्रिय वेब सीरीज गर्ल्स हॉस्टल का तीसरा सीजन सोनी लिव पर दस्तक दे चुका है. अभिनेत्री पारुल गुलाटी शो में जाहिरा के किरदार में नज़र आ रही हैं. वह बताती हैँ कि एक बार उस किरदार को कर लेने क़े बावजूद उससे एक बार फिर से जुड़ते हुए मन में यें सवाल आते ही हैं क़ि ये किरदार तो मैंने कर लिया है. क्या दर्शकों को ये फिर से पसंद आएगा, फिर से दर्शक उसी तरह से कनेक्ट होंगे. उर्मिला कोरी से हुई बातचीत के प्रमुख अंश…

बीते दोनों सीजन्स को लोगों ने पसंद किया था, इस शो से जुडी शुरूआती जर्नी को कैसे याद करती हैं?

हमने जब यें शो शुरू किया था तो हमने सोचा भी नहीं था क़ि यह लोगों को इतना पसंद आएगा कि एक क़े बाद एक इसका तीसरा सीजन आएगा. हम पहले तीन एपिसोड बनाने वाले थे बस और वो यूट्यूब पर जाने वाला था.हमारा पहला एपिसोड रिलीज हुआ हम दूसरा शूट कर रहे थे और दूसरे क़े रिलीज होने पर तीसरा. वो भी पसंद आया तो हमने दो एपिसोड और बना लिया. वो भी सभी को पसंद आया, तो तय हुआ क़ि हम सीजन बनाएंगे.हमने कभी सोचा भी नहीं था कि हम हॉस्टल की दुनिया लोगों क़े सामने ले आएंगे और लोग उसे इतना पसंद करेंगे.

क्या निजी ज़िन्दगी में आप हॉस्टल में रही हैं?

मैं नहीं रही हूं और मुझे लगता है कि शायद ही हमारी एक्टिंग टीम में से कोई भी कभी रहा है. हां हमारे शो की जो लेखिका श्रेयसी हैँ वे रही हैँ, और उन्होने अपनी राइटिंग में अपने अनुभवों को इतने कमाल तरीके से जोड़ा है कि हमें ज़रूरत ही नहीं पड़ी क़ि हमें उस दुनिया की जानकारी होनी चाहिए क्यूंकि स्क्रिप्ट ने हमें पूरा फील दे दिया.

आपके साथ आपकी ढेर सारी फीमेल्स कोएक्टर्स इस वेब सीरीज में हैं, ऑन स्क्रीन कैसी बॉन्डिंग?

आमतौर पर जब कोई प्रोजेक्ट्स महिलाओं पर बेस्ड होता है, तो लोगों की धारणा होती है कि उनके बीच जमकर कैट फाइट होती है.. ऐसा बिलकुल भी नहीं होता है. लड़कियों क़े बीच भी बहुत अच्छी बॉन्डिंग हो सकती है. इसका उदाहरण ये शो है. सभी को लगता है कि लड़के छोटी -छोटी चीज़ों को इग्नोर कर देते हैँ अरे भाई हम लड़कियां भी ऐसा करती हैँ. हम में इमोशनल शेयरिंग लड़कों से ज़्यादा होती है.. इस सीरीज की सारी लड़कियां हम सभी एक दूसरे क़े दोस्त हैँ. हम एक दूसरे को पिछले चार सालों से जानते हैँ. हमारे बीच जबरदस्त आपसी समझ है.हम सभी को पता है कि हम यहाँ अपना नाम बनाने आए हैँ और हमें अच्छे से काम करना है.

आपने टीवी से अपनी शुरुआत की थी, उसके बाद मैंने पंजाबी फ़िल्में की और अब ओटीटी इस जर्नी को आप किस तरह से देखती हैं?

इन तीनों माध्यमों में से मैंने सबसे ज़्यादा ओटीटी को एन्जॉय किया है. यही वजह है कि मैं लगातार ओटीटी कर रही हूं क्यूंकि कभी लगा नहीं कि मैं लिमिटेड हूं एक तरह क़े शो क़े लिए. यहाँ हमेशा मुझे अलग -अलग तरह क़े किरदार ही ऑफर हुए हैं.

इस दौरान रिजेक्शन का कितना सामना करना पड़ा?

सारे प्रोजेक्ट्स जो किए हैँ, वो ऑडिशन क़े ज़रिए ही किए हैँ. इस दौरान रिजेक्शन भी मिले. मुझे लगता है कि रिजेक्शन एक अहम हिस्सा हर एक्टर की ज़िन्दगी में होता ही है. यही वजह है कि एक टाइम क़े बाद एक्टर्स को रिजेक्शन से फर्क नहीं पड़ता है.शुरू -शुरू में कोई विज्ञापन फ़िल्म में रिजेक्ट होने क़े बाद मैं घर आकर खूब सोचती थी क़ि उस लड़की को क्यों मिला. मुझे नहीं मिला. अभी इंडस्ट्री में मुझे दस साल हो गए हैँ. समझ गया है कि मेहनत क़े साथ साथ किस्मत भी ज़रूरी है.

अभिनेत्रियों को कई बार रिजेक्शन उनके लुक और उनकी बॉडी की वजह से भी झेलना पड़ता है, क्या आप ऐसी छोटी सोच वाले लोगों को झेला है?

शुरू-शुरू में जब लोगों में जागरूकता की कमी कि ऐसी चीजें बोलनी नहीं चाहिए, सोशल मीडिया पर गए तो बहुत बेइज्जती होगी तो पहले लोग बोल देते थे कि हाइट लम्बी नहीं है. अरे नाक बहुत लम्बा है. मुझे लगता है कि एक्टर्स जितने अजीबो-गरीब रिजेक्शन्स ले सकते हैं, उतना दुनिया में कोई नहीं ले सकता है. (हंसते हुए) हम एक्टर्स की चमड़ी मोटी हो जाती है, हमें कुछ भी बोल दो, हमें फर्क नहीं पड़ता है. यही वजह है कि एक्टर्स सबसे ज्यादा ट्रॉल्स होते हैं.

सोशल मीडिया इन-दिनों हर किसी की जिन्दगी का अहम हिस्सा बन गया है, लेकिन यहां ट्रॉलिंग से भी गुजरना पड़ता है, ऐसे में क्या आपको कुछ पोस्ट करने से प्रेशर महसूस होता है?

सच कहूं तो क्या पोस्ट करूं क्या नहीं, इसका मैंने कभी भी प्रेशर नहीं लिया है. मैं लोगों को इम्प्रेस करने के लिए कुछ पोस्ट नहीं करती हूं. सोशल मीडिया से जुड़े मुझे 6 साल से अधिक समय हो गया है. मुझे जो पसंद है. मैं वही करती हूं.

कोई ऐसा किरदार जो आप करना चाहती है?

मुझे अगर अमृता प्रीतम का किरदार ऑफर हुआ, तो वो मेरे लिए सपने के सच होने जैसा होगा. अमृता प्रीतम मुझे बहुत पसंद है. उनकी पोएट्री से लेकर पर्सनालिटी तक सबकुछ बहुत पसंद है. मैं बताना चाहूंगी कि खाली वक्त में मुझे लिखने का शौक है. यें मुझे सुकून देता है.

एक्टर पॉवेल गुलाटी क्या आपके भाई हैं?

बिल्कुल भी नहीं, हम एक दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त हैं. इसलिए हम कई बार साथ में नजर आ जाते हैं. चूंकि हमारा सरनेम एक है, इसलिए सभी को ऐसा लगता है.

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लेखक के बारे में

Author: कोरी

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