Exclusive: राजू श्रीवास्तव के निधन से आहत हैं नवीन प्रभाकर, बोले- अब कोई मैसेज नहीं आएगा...

नवीन प्रभाकर ने कहा, आनेवाले मार्च, अप्रैल, मई में हम अमेरिका में शो करने जाने वाले थे 'राजू श्रीवास्तव और नवीन प्रभाकर कॉमेडी नाइट्स.' उसी के सिलसिले में तीन महीने पहले मुलाकात हुई थी.कैसे शो होगा.ये सब डिस्कस कर रहे थे. उन्होंने कहा था कि नवीन चिंता मत करो.हम ये शो साथ में करेंगे.

मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव अब हमारे बीच नहीं रहे. कॉमेडियन और राजू श्रीवास्तव के करीबी रहे नवीन प्रभाकर इसे कॉमेडी की बहुत बड़ी क्षति करार देते हैं. एक ऐसी क्षति जो कभी भी पूरी नहीं होने वाली है. कॉमेडी के लीजेंड राजू श्रीवास्तव के साथ अपनी खास यादों को उन्होंने उर्मिला कोरी के साथ साझा की. बातचीत के प्रमुख अंश…

मेरा और राजू भाई का 28 सालों का था रिश्ता

मैं दसवीं क्लास में था.उस वक़्त की बात है.वो एक पंडाल में शो कर रहे थे. मैं उनसे मिलने गया.मैंने उनको बोला सर मैं भी आर्टिस्ट हूं.मैं भी परफॉर्म करता हूं. उनके मुंह से तुरंत निकला अरे वाह.मैं एक बच्चा था, लेकिन उन्होंने मेरी बात को सम्मान दिया.मुझे बुलाया और बोले क्या करते हो सुनाओ.मैंने सनी देओल,अमरीश पुरी की आवाज़ निकाली.उन्होंने कहा कि अरे वाह तुम तो नए-नए लेकर आए हो.हम तो अमिताभ बच्चन और शत्रुघ्न सिन्हा ही कर रहे हैं. 11 क्लास में मैं कॉलेज के कॉमेडी कॉम्पिटिशन में हिस्सा ले रहा था.वे मिले मुझे और बोले कि तुम बहुत अच्छा कर रहे हो.करो-करो.ये भी कहा कि कुछ भी ज़रूरत लगे.मुझे बोलना. एक साल बाद मैं उनके घर पर गया. मैंने उन्हें बोला कि सर मैं विदेश में परफॉर्म करने जा रहा हूं.पहली बार है ,तो थोड़ा डरा हुआ हूं.वे मेरी कामयाबी पर बहुत खुश हुए.बोले दो साल पहले ही तुमसे मिला हूं और तुमने इतनी तरक्की कर ली.उन्होंने मुझे उस वक़्त बताया था कि एब्रॉड के दर्शकों के साथ कनेक्ट कैसे करते हैं.

100 से ज़्यादा शोज साथ में किए

लाफ्टर चैलेंज के बाद हमारी बॉन्डिंग और बढ़ गयी थी.हम साथ में शो भी करने लगे थे.तकरीबन 100 से ज़्यादा शोज हमने साथ में किए हैं. लोकल से लेकर इंटर नेशनल हर दर्शकों को साथ में हंसाया है. हर एक्ट से पहले वे डिस्कस करते कि नवीन तू क्या करेगा.मैं बोलता राजू भाई आज गानों के साथ कॉमेडी है, तो वो कहते कि ठीक है.मैं ये कर लूंगा.मैं आज जो भी दो-दो घंटे के शोज कर रहा हूं.उनसे ही प्रभावित होकर करता हूं. स्टेज पर ही नहीं स्टेज के बाहर भी उनका साथ बहुत मजेदार होता था.मैं शब्दों में उसको बयान नहीं कर सकता हूं.

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जिंदादिल इंसान थे राजू भाई

कॉमेडियन हमेशा कॉमेडियन ही रहता है. राजू भाई ऑब्जरवेशन हमेशा ऑन ही रहता था. कोई फ़ोन पर उनसे बात करता था.वो तुरंत उसके लहजे और अंदाज़ को कुछ सेकेंड्स में ही पकड़ लेते थे और उस शख्स को उसी के अंदाज़ में ही बात करने लगते थे.एक बार मैंने पूछा भाई सामने वाले को बुरा नहीं लगेगा.उन्होंने बोला कि हम कॉमेडियन हैं.उनको पता है.वे बुरा लगने के लिए हमें फ़ोन ही नहीं करता है. वे बहुत ही जिंदादिल इंसान थे.एक बार इमेज बन जाती है, तो कुछ भी आप बोलो तो कॉमेडी बन जाती है, लेकिन राजू भाई कुछ भी बोलकर कॉमेडी का वक़्त जाया नहीं करते थे.वो कॉमेडी को बहुत सीरियस लेते थे.

हर कॉमेडियन के सुख-दुख का साथी

हमारे जो सीनियर्स कॉमेडियन हैं.उनका काम एक वक्त के बाद बन्द हो जाता था.ऐसे में उनको आर्थिक तौर पर बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.जॉनी लीवर सर उनकी बहुत मदद करते हैं. जॉनी भाई के बाद राजू भाई भी इस तरह के सत्कार कामों में सबसे आगे रहते थे.वे बोलते भी थे कि जॉनी भाई के अकेले का जिम्मा थोड़े ना है.हमें भी कुछ करना चाहिए.हम लोग अगर बातों- बातों में ही बता दें कि फलां कॉमेडियन मुश्किल में है.वो किसी को बिना कुछ बताए उस इंसान के घर पैसे भिजवा देते थे. ऐसे कई लोगों की राजू भाई ने मदद की है.

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अमेरिका में साथ में शो की थी प्लानिंग

आनेवाले मार्च, अप्रैल, मई में हम अमेरिका में शो करने जाने वाले थे राजू श्रीवास्तव और नवीन प्रभाकर कॉमेडी नाइट्स.उसी के सिलसिले में तीन महीने पहले मुलाकात हुई थी.कैसे शो होगा.ये सब डिस्कस कर रहे थे. उन्होंने कहा था कि नवीन चिंता मत करो.हम ये शो साथ में करेंगे.मेरी प्रमोटर्स से बात हो रही है.

हर दिन दुआ करने का मैसेज आता था

ये चालीस दिन बहुत मुश्किलों भरे थे.राजू भाई के फ़ोन पर ही कॉल किया करता था.भाभी,राजू भाई के बड़े भाई या उनकी बेटी अंतरा से बात हो जाती थी. अक्सर उस मोबाइल से मैसेज आता कि भइया आप बस दुआ कीजिये.चालीस दिन में कम से ये मैसेज 25 से 30 बार आया होगा कि भइया बस आप दुआ कीजिये.अब उस नंबर से कोई मैसेज नहीं आएगा.

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Author: कोरी

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