दिग्गज एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने हाल ही में एक प्राइवेट स्क्रीनिंग में कम बजट में बनी फिल्म ‘कथाकार की डायरी’ की तारीफ की. शत्रुघ्न सिन्हा ने 200 इंडीपेंडेंट और ट्राइबल आर्टिस्ट्स की इस फिल्म की तुलना भारतीय सिनेमा के दिग्गज सत्यजीत राय और मृणाल सेन से करते हुए कहा कि यह फिल्म बिल्कुल वही अनुभव देती है, जिसे देखकर वह बड़े हुए और सीखा. लीजेंड एक्टर की इस तारीफ के बाद फिल्म मीडिया में सुर्खियों में आ गई. अब यह फिल्म South Asian International Film Festival Florida (SAIFF) तक पहुंच चुकी है और वहां ऑफिशियल सिलेक्शन में शामिल की गई है.
‘कथाकार की डायरी’ ने ग्लोबल फेस्टिवल्स में बनाई अपनी पहचान
एक प्राइवेट स्क्रीनिंग के बाद मीडिया में सुर्खियों में आई फिल्म ‘कथाकार की डायरी’ अब तक कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाई जा चुकी है. इसमें शामिल हैं 31वां कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (KIFF), 22वां अबुजा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (नाइजीरिया), डायरेक्टर’स कट इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (कनाडा), अल्टरनेटिव फिल्म फेस्टिवल (कनाडा), जागरण फिल्म फेस्टिवल और 22वां थर्ड आई एशियन फिल्म फेस्टिवल सहित कई अन्य ग्लोबल प्लेटफॉर्म्स. अब इस फिल्म को South Asian International Film Festival Florida (SAIFF) में भी चुना गया है. भले ही यह फिल्म कम बजट की हो, लेकिन इसमें काम करने वाले 200 आर्टिस्ट और टेक्निशियंस की मेहनत रंग ला रही है. हाल ही में एक फेस्टिवल स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म देखते हुए ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के दर्शक भावुक होकर रोने लगे थे, जिससे फिल्म की सामाजिक और भावनात्मक ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है.
पांच किरदारों की संघर्ष भरी कहानी
बता दें कि इस फिल्म में कुल पांच मुख्य किरदार हैं और हर किरदार की अपनी संघर्ष भरी कहानी है. IRS अधिकारी अन्वेष ने इसे तीन साल में पूरा किया. उन्होंने दिन में अपनी ड्यूटी और रात में शूटिंग करते हुए ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के करीब 200 थिएटरों और ट्राइबल आर्टिस्ट्स के साथ काम किया. इस कठिन यात्रा के बावजूद उन्होंने फिल्म को पूरी मेहनत और समर्पण के साथ तैयार किया.
