बॉलीवुड में जहां नेपोटिज्म के नाम पर अक्सर सितारे गुस्सा हो जाते हैं या सफाई देने लगते हैं, वहीं आमिर खान के बेटे जुनैद खान ने इस मुद्दे पर बहुत ही ईमानदारी से अपनी बात रखी है. फिल्म ‘महाराज’ से चर्चा में आए जुनैद ने खुलकर माना है कि इंडस्ट्री में उन्हें काम मिलने की एक बड़ी वजह उनका सरनेम है.
जुनैद खान ने नेपोटिज्म पर क्या कहा?
Vickey Lalwani को दिए एक इंटरव्यू के दौरान जब जुनैद से नेपोटिज्म के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही सीधा जवाब दिया. जुनैद ने कहा, “मुझे ‘नेपोटिज्म’ शब्द से बिल्कुल भी चिड़ नहीं होती, क्योंकि यह सच है. मुझे बहुत सारा काम सिर्फ इसलिए मिलता है क्योंकि मैं आमिर खान का बेटा हूं. ” उन्होंने यह भी माना कि उनकी दो फिल्में फ्लॉप होने के बाद भी उन्हें काम मिल रहा है, जो किसी आउटसाइडर के लिए बहुत मुश्किल होता है.
फिल्मों में एक्टर्स कैसे चुने जाते हैं?
जुनैद खान ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में कई बार एक्टर्स को उनकी एक्टिंग से ज्यादा उनकी पहचान देखकर चुना जाता है. उनका कहना है कि निर्माता ऐसे कलाकारों को लेना पसंद करते हैं जिन्हें आसानी से बेचा जा सके और जिनका नाम सुनकर लोग फिल्म देखने आएं.
उन्होंने कहा कि कई बार फिल्म के लिए सही कलाकार को नहीं चुना जाता, बल्कि उस इंसान को लिया जाता है जिसे मार्केट करना आसान हो.
‘इनसाइडर बनाम आउटसाइडर’ पर भी बोले जुनैद
जुनैद खान ने कहा कि उनके लिए यह लड़ाई इनसाइडर और आउटसाइडर की नहीं है. उनके मुताबिक, फिल्मों में उस कलाकार को मौका मिलना चाहिए जो किरदार के लिए सबसे सही हो.
उन्होंने साफ कहा कि किसी को सिर्फ इसलिए कास्ट नहीं करना चाहिए क्योंकि वह बड़ा नाम है या उसे बेचना आसान है.
जुनैद का अगला प्रोजेक्ट ‘रागिनी 3’
जुनैद खान हाल ही में सई पल्लवी के साथ एक रोमांटिक फिल्म में नजर आए थे, जिसे दर्शकों का कुछ खास रिस्पॉन्स नहीं मिला. अब खबर है कि जुनैद जल्द ही एकता कपूर की मशहूर फ्रेंचाइजी ‘रागिनी MMS’ की अगली फिल्म ‘रागिनी 3’ में नजर आ सकते हैं. चर्चा है कि इस फिल्म में उनके साथ तमन्ना भाटिया होंगी और इसका निर्देशन शशांक घोष करेंगे.
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