Anupama: ‘अनुपमा’ के आने वाले एपिसोड में दर्शकों को इमोशन, परिवार और रिश्तों से भरा ट्रैक देखने को मिलने वाला है. कैफे में हुए गैस लीक हादसे के बाद शाह परिवार पूरी तरह टूट चुका है. बापूजी की जान खतरे में पड़ने से घर का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया था, लेकिन अब कहानी में एक नया मोड़ आने वाला है. दिग्विजय अपनी जान जोखिम में डालकर अनुपमा और बापूजी की जान बचाता है, जिसके बाद पूरे परिवार की सोच उसके लिए बदलने लगती है.
बापूजी ने दिग्विजय को माना बेटा
बापूजी दिग्विजय से भावुक होकर बात करते नजर आएंगे. वह उसे समझाएंगे कि रिश्ते सिर्फ खून से नहीं, बल्कि दिल और भावनाओं से बनते हैं. बापूजी कहेंगे कि जैसे अनुपमा उनकी बेटी बनी, वैसे ही अब उन्हें दिग्विजय में अपना बेटा दिखाई देता है. बापूजी की यह बात सुनकर घर के सभी लोग भावुक हो जाएंगे. अनुपमा भी दिग्विजय का शुक्रिया अदा करेगी. वह कहेगी कि उसने सिर्फ बापूजी की जान नहीं बचाई, बल्कि पूरे परिवार को टूटने से बचा लिया.
‘अनु की रसोई’ को देखकर भावुक हुई अनुपमा
इसी बीच परिवार के लोग देखते हैं कि ‘लव यू जिंदगी कैफे’ का बोर्ड ढका हुआ है. यह देखकर सभी परेशान हो जाते हैं. इसके बाद दिग्विजय सभी के सामने नया बोर्ड दिखाता है, जिस पर ‘लव यू जिंदगी कैफे’ के नीचे ‘अनु की रसोई’ लिखा होता है. दिग्विजय कहता है कि ‘अनु की रसोई’ ही उनकी ताकत और संघर्ष की असली पहचान है. यह सुनकर अनुपमा काफी भावुक हो जाती है. हालिया हादसे के बावजूद परिवार हार नहीं मानता और कैफे को फिर से शुरू करने का फैसला लेता है.
परिवार के करीब आया दिग्विजय
मुश्किल समय में दिग्विजय के साथ और ईमानदारी को देखकर शाह परिवार भी उसे अपनाने लगता है. वहीं, बापूजी पूरे परिवार को आदेश देते हैं कि सब लोग मिलकर तुरंत काम शुरू करें और कैफे को फिर से खड़ा करें. इसके बाद घर का माहौल धीरे-धीरे फिर से खुशियों की तरफ बढ़ने लगता है.
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