8 जून 2020... मुंबई में एक 28 साल की टैलेंट मैनेजर की मौत की खबर सामने आती है.... नाम था दिशा सालियान. शुरुआती जांच में सामने आया कि वह 14वीं मंजिल से नीचे गिरी थीं और बाद में मामले को आत्महत्या के एंगल से भी देखा गया. मामला यहीं खत्म होता दिख रहा था, लेकिन इसके ठीक 6 दिन बाद, 14 जून 2020 को बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत अपने बांद्रा स्थित घर में मृत पाए गए.
दिशा की मौत के बाद सुशांत थे परेशान, कहा था- वो मुझे भी नहीं छोड़ेंगे
दो मौतें... महज कुछ दिनों का अंतर... और यहीं से सोशल मीडिया पर सवालों और थ्योरीज का सिलसिला शुरू हो गया, क्योंकि दिशा बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की एक्स मैनेजर थी. दिवंगत एक्टर को जब उनकी मौत की खबर मिली, तो वह काफी परेशान हो गए. उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि उनके भाई दिशा की मौत के बाद परेशान हो गए थे और कहते रहते थे कि अब वो लोग मुझे भी नहीं छोड़ेंगे. हालांकि कानून की नजर में दोनों मामलों के बीच किसी लिंक का दावा जांच एजेंसियों या अदालत ने स्थापित नहीं किया.
8 जून 2020: दिशा सालियान की मौत की वो रात
दिशा सालियान की मौत मुंबई के मलाड इलाके की एक हाई फ्लोर बिल्डिंग से गिरने के बाद हुई थी. शुरुआती जांच में मुंबई पुलिस ने मामले में Accidental Death Report (ADR) दर्ज की और बाद में आत्महत्या बताया. पोस्टमार्टम और शुरुआती जांच में पुलिस को फाउल प्ले का सबूत भी नहीं मिला था.
आदित्य ठाकरे पर घूमने लगी थी खतरें की सुई
हालांकि दिशा के पापा सतीश सालियान ने हमेशा कहते रहे कि उनकी बेटी को मारा गया है. उन्होंने स्वतंत्र जांच की मांग की. उन्होंने आदित्य ठाकरे के खिलाफ FIR दर्ज करने की भी मांग की. फिर जून 2024 में बीजेपी नेता नितेश राणे ने दावा किया था कि दिशा की मौत हत्या थी और उन्होंने शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे पर गंभीर आरोप लगाए.
अब, दिशा सालियान की मौत के करीब 6 साल बाद, मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. 2 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिशा सालियान मौत मामले में FIR दर्ज कर CBI जांच के आदेश दिए हैं.
तो आखिर 6 साल बाद फिर क्यों खुला केस?
यही वह सवाल है, जो सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है. दिशा के पिता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और मामले की स्वतंत्र जांच एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी. सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुरुआती जांच से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल उठाए. अदालत के सामने जांच का प्रोसेस, CCTV से संबंधित सीमाएं, गवाहों के बयानों और पोस्टमार्टम प्रक्रिया जैसे मुद्दों पर बहस हुई.
दिशा के सिर में लगी थी चोट
कोर्ट में बताया गया कि दिशा सालियान का पोस्टमॉर्टम सिर्फ एक डॉक्टर ने किया था, जबकि तय दिशा-निर्देशों के अनुसार इस प्रक्रिया में दो डॉक्टरों की मौजूदगी होनी चाहिए थी. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके सिर, हाथ, पैर और छाती पर चोटों का भी जिक्र किया गया था.
वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान रेप या किसी तरह के यौन उत्पीड़न के सबूत नहीं मिले. गवाहों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची थी कि दिशा ने खुद इमारत से छलांग लगाई थी. साल 2025 में दाखिल किए गए अपने हलफनामे में भी पुलिस ने अपने पुराने रुख को बरकरार रखा और मामले को आत्महत्या बताया.
CBI के सामने अब क्या-क्या सवाल होंगे?
- मौत की असली परिस्थितियां क्या थीं?
- शुरुआती पुलिस जांच में क्या हुआ था?
- हाई कोर्ट ने जांच पर सवाल क्यों उठाए?
- दिशा के पिता ने क्या आरोप लगाए?
- FIR इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?
- छह साल पुराने सबूतों की क्या भूमिका होगी?
- क्या इसका सुशांत सिंह राजपूत केस से कोई कानूनी संबंध है?
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