57 साल बाद भी Lata Mangeshkar का वो एक गाना, जिसने हमेशा के लिए बदल दी Raksha Bandhan की पहचान; क्या आप जानते हैं इसकी कहानी?

रेडियो के दौर से लेकर डिजिटल युग तक, रक्षाबंधन का त्योहार जिस एक गीत के बिना अधूरा लगता है, वह है -'भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना’. जानिए कैसे 1959 में आई फिल्म 'छोटी बहन' का यह इमोशनल ट्रैक छह दशकों से हर पीढ़ी के दिल को छूता आ रहा है.

Lata Mangeshkar Rakshabandhan Song: रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार नहीं, बल्कि उन भावनाओं को याद करने का दिन भी है, जो इस रिश्ते को खास बनाती हैं. हिंदी सिनेमा ने भी भाई-बहन के प्यार को कई खूबसूरत गीतों के जरिए पर्दे पर उतारा है. इनमें एक गाना ऐसा है, जो 57 साल बीत जाने के बाद भी रक्षाबंधन के मौके पर लोगों की जुबां पर रहता है. यह गीत है ‘भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना’, जिसे लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी. यह गाना साल 1959 में रिलीज हुई फिल्म ‘छोटी बहन’ का हिस्सा था.

Bhaiya Mere Rakhi Ke Bandhan ko Nibhana Song Released in 1959: 1959 में रिलीज हुई थी ‘भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना’ गाना 

‘भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना’ को फिल्म ‘छोटी बहन’ फिल्म का गाना है. एलवी प्रसाद के निर्देशन में बनी इस फिल्म में नंदा, बलराज साहनी और रहमान जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में थे. फिल्म की कहानी भाई-बहन के रिश्ते, परिवार, त्याग और मुश्किल परिस्थितियों के इर्द-गिर्द घूमती है. यह फिल्म 1952 में आई तमिल फिल्म ‘एन थंगाई’ से प्रेरित थी.

फिल्म में भाई-बहन के रिश्ते को जिस इमोशनल तरीके से दिखाया गया, उसमें इस गीत ने कहानी की भावनाओं को और गहरा कर दिया. यही वजह रही कि गाना फिल्म से निकलकर धीरे-धीरे रक्षाबंधन के त्योहार की पहचान बन गया.

The Magic of Lata Mangeshkar's Voice and Shailendra's Writting: लता की आवाज और शैलेंद्र की कलम का जादू

इस गीत को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी. वहीं इसका संगीत मशहूर जोड़ी शंकर-जयकिशन ने तैयार किया था और गीत के बोल गीतकार शैलेंद्र ने लिखे थे. इन तीनों की प्रतिभा ने मिलकर इसे एक ऐसा गीत बना दिया, जो सिर्फ सुनने में मधुर नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं को भी बेहद प्रभावी ढंग से सामने लाता है.

गीत की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके लिए लता मंगेशकर को फिल्मफेयर में सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका की श्रेणी में नामांकन भी मिला था. यह भी पढ़ें: जब Lata Mangeshkar ने चैनल हेड को दे दी थी गाली...'दया' ने खोला CID बंद होने का हैरान किस्सा

This Song Define Emotions: सिर्फ त्योहार का गीत नहीं है

इस गाने की सबसे खास बात यह है कि इसमें सिर्फ राखी बांधने की खुशी नहीं दिखाई गई, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते में छिपे प्यार, भरोसे और भावनात्मक जुड़ाव को भी महसूस किया जा सकता है. रक्षाबंधन आते ही जब यह गीत सुनाई देता है, तो कई लोगों को अपने बचपन, भाई-बहन के साथ बिताए पल और परिवार की पुरानी यादें याद आ जाती हैं.

रक्षाबंधन, फोटो- इंस्टाग्राम

Why So Special Even Today: आज भी क्यों है इतना खास?

57 सालों में संगीत सुनने का तरीका पूरी तरह बदल गया है. रेडियो और रिकॉर्ड से लेकर कैसेट, सीडी, टीवी और अब डिजिटल प्लेटफॉर्म तक का सफर पूरा हो चुका है. इसके बावजूद ‘भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना’ आज भी रक्षाबंधन के मौके पर सुना जाता है.

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By आशा कुमारी

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झारखंड की रहने वाली आशा ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से इंग्लिश जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है.

पत्रकारिता की शुरुआत 

आशा को कंटेंट राइटिंग में ढाई साल का अनुभव है. अपने करियर की शुरुआत उन्होंने ‘द पैम्फलेट’ (The Pamphlet) में न्यूज राइटर के तौर पर की थी. इसके बाद उन्होंने आउटलुक (Outlook) में लाइफस्टाइल कंटेंट राइटर के तौर पर काम किया. इसके साथ ही, आशा ने ईटीवी भारत (ETV Bharat) और हिंदुस्तान टाइम्स (Hindustan Times) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में इंग्लिश कंटेंट राइटर के रूप में अपना योगदान दिया है.

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