''पीके'' पर जनहित याचिका : केंद्र को हफ्ते भर में जवाब दाखिल करने का आदेश

लखनऊ : इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘पीके’ के प्रदर्शन को पूरी तरह प्रतिबंधित करने संबंधी याचिका पर जवाब देने के लिए केंद्र सरकार को एक हफ्ते का वक्त दिया है. उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने केंद्र के वकील से कहा कि वह सरकार का जवाब अदालत के […]

लखनऊ : इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘पीके’ के प्रदर्शन को पूरी तरह प्रतिबंधित करने संबंधी याचिका पर जवाब देने के लिए केंद्र सरकार को एक हफ्ते का वक्त दिया है. उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने केंद्र के वकील से कहा कि वह सरकार का जवाब अदालत के समक्ष दाखिल करें.

न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की खण्डपीठ ने ‘हिन्दू फ्रंट फार जस्टिस’ की ओर से दाखिल एक जनहित याचिका पर सुनवायी करते हुए यह आदेश दिया.याचिका में ‘पीके’ फिल्म को सेंसर बोर्ड द्वारा दिये गये यू-ए प्रमाणपत्र को रद्द करने के निर्देश देने का आग्रह भी किया गया है.

याची के वकील हरिशंकर जैन ने आरोप लगाया कि ‘पीके’ फिल्म में हिन्दू देवी-देवताओं, हिन्दू मान्यताओं तथा पूजा पद्धति के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां की गयी हैं. केंद्र सरकार के वकील ने इस मामले में सरकार से निर्देश प्राप्त करने के लिये समय देने का आग्रह किया जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने जवाब दाखिल करने के लिये एक हफ्ते का वक्त दे दिया.

आपको बता दें कि राजकुमार हिरानी द्वारा निर्देशित फिल्म ‘पीके’ के खिलाफ दक्षिणपंथी संगठन जोरदार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश सरकार ने फिल्म को मनोरंजन कर से छूट दे दी है. फिल्‍म में आमिर खान के अलावा अनुष्‍का शर्मा, संजय दत्‍त, सुशांत सिंह राजपूत और बोमन ईरानी मुख्‍य भूमिकाओं में हैं. वहीं फिल्‍म ने विरोध प्रदर्शन के बावजूद बॉक्‍स ऑफिस पर 300 करोड़ की कमाई कर ली है.

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