हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता श्रीराम लागू का पुणे स्थित उनके आवास पर निधन हो गया. वह 92 वर्ष के थे. पिछले कुछ समय से वह वृद्धावस्था से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे थे. उनका इलाज दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. इस दिग्गज अभिनेता के निधन से बॉलीवुड में सन्नाटा पसर गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और नितिन गडकरी ने ट्वीट कर श्रीराम लागू के निधन पर शोक व्यक्त किया है.
पीएम मोदी ने लिखा,’ डॉ. श्रीराम लागू ने बहुमुखी प्रतिभा परिचय दिया. वर्षों तक उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. उनके काम को आने वाले सालों तक याद रखा जाएगा. उनके निधन से दुखी. उनके प्रशंसकों के प्रति संवेदना. ओम शांति.’
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट किया,’ वरिष्ठ अभिनेता श्रीराम लागू की मौत से मराठी नाटक को अपूरनीय क्षति हुई है. डॉ. लागू को विनम्र श्रद्धांजलि.
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने लिखा,’ वैचारिक ज्ञान के साथ एक प्रयोगात्मक चित्रकार के रूप में डॉ श्रीराम लागू का प्रभाव रहा. नये से लेकर पुराने सभी कलाकारों ने उनके योगदान को महसूस किया. महाराष्ट्र ने एक प्रतिभाशाली अभिनेता को खो दिया. उन्हें भावुक श्रद्धाजंलि.’
केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने ट्वीट में लिखा,’ सदी के महान कलाकार श्रीराम लागू जी को मेरी तरफ से विनम्र श्रद्धांजलि! हमने एक बहुमुखी व्यक्तित्व को खो दिया है. एक अद्वितीय थिएटर अभिनेता ने सिल्वर स्क्रीन पर अपना दबदबा बनाया और प्रभाव पैदा किया. वह एक सामाजिक कार्यकर्ता भी थे.’
बता दें कि, श्रीराम लागू का जन्म 1927 में सतारा में हुआ था. प्रशिक्षित ईएनटी सर्जन लागू ने विजय तेंदुलकर, विजय मेहता और अरविंद देशपांडे के साथ आजादी के बाद वाले काल में महाराष्ट्र में रंगमंच को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी. ‘नटसम्राट’ नाटक में लागू की गणपत बेलवलकर की भूमिका को मराठी थिएटर के लिए मील का पत्थर माना जाता है. बॉलीवुड की ‘एक दिन अचानक’, ‘घरौंदा’, ‘मुकद्दर का सिकन्दर’, ‘लावारिस’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी बेहतरीन अदाकारी से लोगों का दिल जीता. रिचर्ड एटनबरो की ‘‘गांधी’ में उन्होंने गोपाल कृष्ण गोखले की भूमिका निभाई थी.
