धर्म के चश्मे से किसी को देखे जाने पर तकलीफ होती है : दीया मिर्जा

मुंबई: धर्मनिरपेक्ष माहौल में पली-बढ़ी दीया मिर्जा का कहना है कि धर्म के आधार पर किसी की पहचान किए जाने पर उन्हें तकलीफ होती है. ईसाई पिता और बंगाली मां के घर में जन्मी दीया मिर्जा की परवरिश एक मुस्लिम घर में हई है और उनका कहना है कि उनकी पहचान कभी धर्म, संस्कृति, जाति […]

मुंबई: धर्मनिरपेक्ष माहौल में पली-बढ़ी दीया मिर्जा का कहना है कि धर्म के आधार पर किसी की पहचान किए जाने पर उन्हें तकलीफ होती है. ईसाई पिता और बंगाली मां के घर में जन्मी दीया मिर्जा की परवरिश एक मुस्लिम घर में हई है और उनका कहना है कि उनकी पहचान कभी धर्म, संस्कृति, जाति या समुदाय तक सीमित नहीं रही.

दीया ने कहा, ‘ मेरी पहचान अभी इस ग्रह के नागरिक और एक मनुष्य की रही है. मुझे तकलीफ होती है जब किसी की पहचान धर्म के चश्मे से की जाती है. अगर आप इतिहास उठाकर देखेंगे तो, जब-जब इंसान बहुसंख्यकवाद की ओर बढ़ा है तो समावेशिता खो गई और उन्हें कष्ट झेलना पड़ा है. डर के कारण उन्होंने बहुत कुछ सहा है.’

उन्होंने कहा कि जो लोग विलक्षण विचारधाराओं का प्रचार करते हैं, वे ‘हमें नियंत्रित करना चाहते हैं." अदाकारा ने कहा, ‘ पूर्वाग्रह और तमगे हमें सीमित करते हैं. हमने किसी भी विश्वास, धर्म, समुदाय या देश की जानकारी के साथ जन्म नहीं लिया. हमें ऐसी बातें बताई जाती हैं जिन्होंने नुकसान के अलावा कुछ नहीं किया. हमें उन सब को भूलना होगा.’

दीया जल्द ही ‘जी5′ की कश्मीर आधारित वेब-सीरिज ‘काफिर’ में नजर आएंगी. यह एक पाकिस्तानी युवती की कहानी है, जो विचित्र परिस्थितियों में भारत आती हैं, जिसके बाद उसके लिए घर वापस लौटना मुश्किल हो जाता है. वेब-सीरिज ‘काफिर’ का प्रसारण 15 जून से होगा.

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