Nirahua On Bhojpuri Industry Reality: भोजपुरी सिनेमा पिछले कई सालों से दर्शकों के दिलों पर राज कर रहा है. बड़े सुपरस्टार्स, हिट गाने और जोशीले एक्शन सीन से ये इंडस्ट्री लोगों का मनोरंजन जरूर करती है. लेकिन पर्दे के पीछे की हकीकत कुछ और ही है. हाल ही में डिजिटल कमेंट्री से बातचीत में सुपरस्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने खुलासा किया कि क्यों भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री ने साउथ इंडस्ट्री जैसी ऊंचाई नहीं छुई.
टैलेंट की कमी नहीं, असली वजह सिस्टम की खराबी
निरहुआ का कहना है कि टैलेंट या हिट फिल्मों की कमी कभी समस्या नहीं रही. ‘निरहुआ रिक्शावाला’ और ‘प्रतिज्ञा’ जैसी फिल्में बड़े हिट साबित हुई हैं. फिल्ममेकर और कलाकार हमेशा नई फिल्में लेकर आते रहे, लेकिन इंडस्ट्री के ग्रोथ में एक बड़ी बाधा थी – सही कलेक्शन और थिएटर सिस्टम का भ्रष्टाचार.
बड़े प्रोड्यूसर और हस्तियां भी आए लेकिन…
हिंदी फिल्मों के बड़े प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भोजपुरी सिनेमा में हाथ आजमाने आए. यहां तक कि सुभाष घई जैसी हस्तियां भी भोजपुरी फिल्म बनाने के लिए तैयार थीं. लेकिन भ्रष्ट सिस्टम और कलेक्शन की गड़बड़ी ने उनकी योजनाओं को रोक दिया.
भ्रष्ट थिएटर सिस्टम ने रोका ग्रोथ
निरहुआ ने बताया कि कई बार फिल्ममेकर थिएटर में अपनी फिल्म रिलीज करने से डरते थे. थिएटर मालिक अंडर-द-टेबल पैसे मांगते और सही कलेक्शन रिपोर्ट नहीं देते थे. इसके चलते कई फिल्में घाटे में चली गईं, और इंडस्ट्री का विकास रुक गया.
यूट्यूब ने खोला नया रास्ता
अब समय बदल गया है. निरहुआ के मुताबिक, जिन फिल्मों में पहले घाटा हुआ, वही अब यूट्यूब और डिजिटल प्लेटफॉर्म से अच्छा रिटर्न दे रही हैं. उन्होंने कहा, “अब हम यूट्यूब से वो रिकवरी कर रहे हैं जो हमने दस साल पहले अपने खर्च में डाली थी.”
बदलाव जरूरी, इंडस्ट्री की नई दिशा
भोजपुरी इंडस्ट्री में बदलाव की जरूरत अब पहले से ज्यादा महसूस की जा रही है. सही सिस्टम और ईमानदार कमाई के साथ, निरहुआ का मानना है कि यह इंडस्ट्री भी किसी से पीछे नहीं है.
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