Bhabiji Ghar Par Hain के 11 साल पूरे होने पर सानंद वर्मा ने तोड़ी चुप्पी, कहा- मैं असल जिंदगी में भी सक्सेना हूं

Bhabiji Ghar Par Hain: सानंद वर्मा ने ‘भाबीजी घर पर हैं’ के 11 साल पूरे होने पर बताया कि कैसे डॉ. सक्सेना उनका हिस्सा बन चुके हैं. उन्होंने टाइमिंग, कॉमेडी और अपने अनुभव भी खुलकर साझा किए.

Bhabiji Ghar Par Hain: कॉमेडी शो ‘भाबीजी घर पर हैं’ की कल्पना डॉ. अनोखेलाल सक्सेना के बिना अधूरी लगती है. बीते 11 वर्षों से अभिनेता सानंद वर्मा इस मजेदार और अनोखे किरदार को निभा रहे हैं, जो आज एण्डटीवी के सबसे यादगार कैरेक्टर्स में से एक बन चुका है. अब शो के 11 साल का सफर पूरा होने पर सानंद वर्मा ने अपने अनुभव साझा किए और इस बेहद खास जर्नी को हंसी, सीख और दर्शकों के अपार प्यार से भरा हुआ बताया.

11 साल पूरे होने पर क्या बोले सानंद वर्मा?

सानंद वर्मा ने कहा, “लगभग 3000 एपिसोड के बाद, सक्सेना जी अब मेरे शरीर और दिमाग का हिस्सा बन चुके हैं. अब मुझे एक्टिंग के दौरान किसी हावभाव या प्रतिक्रिया के बारे में सोचना नहीं पड़ता, सब कुछ अपने आप हो जाता है. हमारे शो की ताजगी की असली वजह हमारे बेहतरीन लेखक हैं, जो हर बार नए किस्से और पंचलाइन लेकर आते हैं. जैसे ही दर्शकों ने हमारे किरदारों से जुड़ाव महसूस किया, शो की रफ्तार और भी मजबूत हो गई.”

कॉमेडी का संगीत से जुड़ाव

कॉमेडी को संगीत के साथ जोड़ते हुए सानंद कहते हैं, “कॉमेडी बिल्कुल संगीत की तरह होती है, सही टाइमिंग और रिदम ही उसकी आत्मा है! जैसे एक संगीतकार नोट्स का अभ्यास करता है, हम पंचलाइन की टाइमिंग पर काम करते हैं. आवाज का टोन या बस एक छोटा सा ठहराव भी पूरे मजाक का रंग बदल सकता है. हर कलाकार की अपनी टाइमिंग होती है, अपना सुर होता है. बेहतरीन कॉमेडी तभी बनती है जब लेखन, टाइमिंग और सह-कलाकारों की केमिस्ट्री एक साथ मेल खाती हैं. यही तीनों मिलकर जादू पैदा करते हैं.”

“मैं असल जिंदगी में भी सक्सेना ही हूं”

एक मजेदार खुलासा करते हुए सानंद वर्मा ने मुस्कुराते हुए कहा, “मेरे डायरेक्टर अक्सर कहते हैं कि मैं असल जिंदगी में भी सक्सेना ही हूं! हम दोनों कॉरपोरेट के दिनों से एक-दूसरे को जानते हैं, और उन्हें हमेशा लगता था कि मैं रियल लाइफ में भी उतना ही अटपटा हूं जितना पर्दे पर दिखता हूं. शायद यही वजह है कि यह किरदार मुझे इतनी सहजता से मिल गया. यह सफर बिल्कुल अनोखा और बेहद संतोषजनक रहा है, जिसे मैं कभी भी बदलना नहीं चाहूंगा.”

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Author: Sheetal Choubey

शीतल चौबे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं और एंटरटेनमेंट बीट पर काम करती हैं. बिहार के बक्सर की रहने वाली शीतल की शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश के कानपुर से पूरी हुई. 12वीं खत्म होने के बाद उनकी दिलचस्पी पत्रकारिता की ओर बढ़ी, जिसके चलते उन्होंने मध्य प्रदेश की माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. करियर की शुरुआत शीतल ने शब्द सांची से की, जहां उन्होंने एजुकेशन के साथ-साथ एंटरटेनमेंट बीट पर भी काम किया. यहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग के अलावा वॉइस ओवर और Adobe Premiere Pro पर बेसिक वीडियो एडिटिंग भी सीखी. करीब एक साल तक काम करने के बाद साल 2024 में वह प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ीं. प्रभात खबर में शुरुआत में शीतल ने बॉक्स ऑफिस, बॉलीवुड, साउथ सिनेमा और एंटरटेनमेंट गॉसिप्स पर काम किया. फिलहाल वह टीवी और OTT रियलिटी शोज से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. आसान भाषा में एंगेजिंग और SEO फ्रेंडली कंटेंट लिखना उनकी खासियत है. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो पाठकों को आसानी से समझ आएं और उनसे जुड़ाव महसूस हो. डिजिटल मीडिया में लगातार सीखते हुए शीतल एंटरटेनमेंट पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. नए ट्रेंड्स और ऑडियंस की पसंद को समझते हुए यूजर्स तक तेजी से सही और दिलचस्प जानकारी पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है.

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