जब महानायक अम‍िताभ बच्‍चन की हाज‍िरजवाबी के कायल हो गए बनारसी, जानें क्‍या है पूरा मामला ?

मेगास्‍टार अम‍िताभ बच्‍चन ने जवाब दिया, 'बनारसी बाबू आपको कटाक्ष करना शोभा नहीं देता.' दरअसल, बनारसी बाबू ने गुटखा-मसाला को लेकर अमिताभ बच्चन पर कटाक्ष किया था. ये बात अमिताभ बच्चन को चुभ गयी और उन्होंने बड़े ही रोचक अंदाज में इसकी प्रतिक्रिया दी.

Varanasi News: अमिताभ बच्चन ने एक बार फिर अपनी हाजिरजवाबी से फैंस का दिल जीत लिया. इस बार यह जवाब उन्होंने बनारसी बाबू को दिया है. 8 जून को अपने आध‍िकार‍िक फेसबुक पोस्ट पर उन्होंने जब वाराणसी के सम्पूर्णानन्द विश्वविद्यालय के सतीश चंद्र पांडेय का कटाक्ष पढ़ा तो बिना मौका गंवाए अमिताभ बच्चन भी चुप नहीं रह पाए.

हेटर्स को उनकी भाषा में जवाब देने से भी नहीं चूकते

मेगास्‍टार अम‍िताभ बच्‍चन ने जवाब दिया, ‘बनारसी बाबू आपको कटाक्ष करना शोभा नहीं देता.’ दरअसल, बनारसी बाबू ने गुटखा-मसाला को लेकर अमिताभ बच्चन पर कटाक्ष किया था. ये बात अमिताभ बच्चन को चुभ गयी और उन्होंने बड़े ही रोचक अंदाज में इसकी प्रतिक्रिया दी. सदी के महानायक अमिताभ बच्चन से हाजिरजवाबी में कोई नहीं जीत सकता. वे सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव रहते हैं. फेसबुक पेज के उनके 39 मिलीयन फॉलोवर हैं. खास बात यह है कि अमिताभ बच्चन किसी को फेसबुक पर फॉलो नहीं करते. 24 जुलाई 2012 से उनका यह पेज फेसबुक पर एक्टिव है. अमिताभ बच्चन अपने हेटर्स को उनकी भाषा में जवाब देने से भी नहीं चूकते.

आख‍िर मामला है क्‍या…

अब हालिया मामला ही ले लीजिए, जहां अमिताभ बच्चन ने वाराणसी के एक युवक को उसकी ही भाषा में जवाब दिया. वाराणसी के संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से पढ़ाई किए हुए सतीश चंद्र पांडे जिनका प्रोफाइल आचार्य कश्यप के नाम से फेसबुक पर है. प्रोफाइल देखने पर पता चलता है कि वाराणसी में रहते हैं. मूलत: सुल्तानपुर के हैं. अमिताभ बच्चन के पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा, ‘बहुत गंभीर लेखन! अद्भुत!! इतना गंभीर चिंतन कर कैसे लेते हैं सर!! समझा- कमला पसंद का कमाल है!!!!’ इसी पोस्ट के जवाब में अमिताभ बच्चन ने अपनी टिप्पणी करते हुए लिखा, ‘आपको कटाक्ष करना शोभा नहीं देता. इसके बाद से फॉलोवर्स ने खूब अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है.

महानायक ने पोस्‍ट में लिखा…

“इहाँ लिखो या उहाँ लिखो, कहें, भूत लिखत हैं तुमहरे;

ना हीं हमरे पास भूत , औ’ ना हीं प्रेत के पुतरे !!

मिल जा ये यदि, कौनो दिन, तो पकड़ के धरना ओका,

देखें ससुरा, कहाँ बैठ के, करत है इ सब घपला !

देखो, खुदय लिखत छापत हैं हम तो, इतना जान लो मौसी,

कभी काम नहीं मिले हमें तो (please), रख लेना हमें चपरासी!!

सादर प्रणाम 🙏

अमिताभ बच्चन ने कमेंट क्‍या किया…

‘Aachary Kashyap आचार्य जी! आप महानुभाव हैं, कश्यप भी हैं. आप के मुख से कटाक्ष शोभा नहीं देता. हम तो सालभर पहले, जबसे हमने ये कमला का प्रचार किया, उस दिन से उनका पूरा पैसा लौटा दिया है और contract भी cancel कर दिया है. उनके signature के साथ. फिर भी जब उनका प्रचार चलता रहा, तो हमने उनको कहा रोकने को, तो उन्होंने कहा कि TV channel पर उनका contract, काट नहीं सकते, तो कुछ दिन तक चला, और अब उन्होंने बंद कर दिया है…और सुनिए, जिसका प्रचार हो रहा था, वो एलाइची थी गुटका नहीं.’ अमिताभ बच्चन के कमेंट के बाद 500 से अधिक लोगों ने पक्ष और विपक्ष में अपने उत्तर दिए. इस पोस्ट को खबर लिखे जाने तक 30 हजार से अधिक लोगों ने लाइक किया है. इसी के साथ ही 4 हजार से अधिक लोगों ने अपनी टिप्पणी लिखी.

रिपोर्ट : विप‍िन स‍िंह

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By Prabhat Khabar News Desk

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