पहली ही फिल्म से स्टार बनने से लेकर लगातार फ्लॉप्स के दौर में 'सिंगल-हिट वंडर' का ताना सहने और फिर लगातार 8 सुपरहिट फिल्में देकर बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास रचने तक... 'बॉलीवुड के मिस्टर एक्सपेरिमेंटल' आयुष्मान खुराना का सफर किसी सुपरहिट फिल्मी ड्रामा से कम नहीं रहा है. 14 सितंबर को उनके जन्मदिन के खास मौके पर पढ़िए उनके स्ट्रगल, लीक से हटकर सिनेमा चुनने का रिस्क और इस शानदार कमबैक की पूरी वाइब.
90s के बाद के दौर में अपनी डेब्यू फिल्म से ही लाखों दिलों पर राज करने वाले वर्सेटाइल एक्टर आयुष्मान खुराना का आज जन्मदिन है. 14 सितंबर को जन्मे आयुष्मान की लाइफ स्टोरी किसी सुपर-इंसपेरेशनल स्टोरी से कम नहीं है. 'विकी डोनर' का बेफिक्र 'विकी' बनकर ऑडियंस के दिलों में बसने वाले आयुष्मान ने अपने करियर में ऐसे-ऐसे अप्स एंड डाउन्स देखे हैं, जिनकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी. आरजे से लेकर बॉलीवुड में आउटसाइडर का स्ट्रगल और वाइफ के कैंसर के कठिन दौर तक, आयुष्मान ने हर मुश्किल को मात देकर यह साबित किया है कि वे सिर्फ रील्स पर ही नहीं, बल्कि रियल लाइफ में भी असली हीरो हैं. आयुष्मान खुराना के बर्थडे के इस खास मौके पर आइए जानते हैं उनके स्ट्रगल और इस धांसू कमबैक की पूरी इनसाइड स्टोरी.
'RJ आयुष्मान' से 'विकी डोनर' तक की वाइब
आयुष्मान खुराना की शुरुआती जर्नी एक रेडियो जॉकी और टीवी एंकर के रूप में शुरू हुई थी. फिल्मों में आने से पहले वे अपनी किलर आवाज और कॉमिक टाइमिंग के लिए जाने जाते थे. साल 2012 में विजनरी डायरेक्टर शुजीत सरकार ने उन्हें अपनी फिल्म 'विकी डोनर' से लॉन्च किया. स्पर्म डोनेशन जैसे बोल्ड और टैबू टॉपिक पर बनी इस फिल्म में आयुष्मान की एक्टिंग और उनके खुद के गाए आइकॉनिक ट्रैक 'पानी दा रंग' ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया था.
SRK और बिग बी के दौर में डेब्यू और पहली ही फिल्म से स्टारडम
साल 2012 में आई 'विकी डोनर' बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई. आयुष्मान को उनकी बेहतरीन एक्टिंग और सिंगिंग के लिए 'फिल्मफेयर बेस्ट मेल डेब्यू' और 'बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर' का अवॉर्ड मिला. पहली ही फिल्म से मिले इस मैसिव स्टारडम ने उन्हें रातों-रात बॉलीवुड का नया चमकता चेहरा बना दिया.
जब करियर पर लगा 'One-Film Wonder' का टैग
लेकिन इस पहली सुपर सक्सेस के बाद आयुष्मान का करियर अचानक डाउनफॉल की तरफ चला गया. इसके बाद आई उनकी फिल्में 'नौटंकी साला', 'बेवकूफियां' और 'हवाईजादा' एक के बाद एक बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हुईं. मीडिया और ट्रेड एनालिस्ट्स ने उन्हें 'वन-फिल्म वंडर' कहकर ट्रोल करना शुरू कर दिया था. लगातार रिजेक्शन और असफलताओं की वजह से उनका फिल्मी करियर बिल्कुल खत्म दिखने लगा था, लेकिन आयुष्मान ने हार नहीं मानी.
फ्लॉप दौर के बाद 'दम लगा के हईशा' ने बदली गेम, फिर छा गए आयुष्मान
साल 2015 में आई फिल्म 'दम लगा के हईशा' से आयुष्मान ने ऐसा कमबैक किया जिसने हैटर्स और क्रिटिक्स के मुंह हमेशा के लिए बंद कर दिए. इसके बाद उन्होंने समाज के उन टैबू सब्जेक्ट्स को चुना जिन पर बात करने से बड़े-बड़े स्टार्स झिझकते थे 'शुभ मंगल सावधान', 'बधाई हो', 'शुभ मंगल ज्यादा सावधान' और 'आर्टिकल 15'. माइंड-ब्लोइंग थ्रिलर फिल्म 'अंधाधुंध' के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी मिला. बैक-टू-बैक 8 सुपरहिट फिल्में देकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि असली 'कंटेंट किंग' वही है जो अपने दम पर बॉलीवुड का गेम बदल दे!
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