जब Asha Bhosle के आंखों के सामने हुई बेटे-बेटी की मौत, सिंगर ने नहीं मानी हार

Asha Bhosle: मशहूर सिंगर आशा भोसले की जिंदगी संघर्ष, दर्द और हिम्मत की मिसाल रही है. कम उम्र में शादी, घरेलू हिंसा, आंखों के सामने बच्चों की मौत जैसे कई घटनाओं ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया था. अपनी सुरीली आवाज से दुनिया में खास पहचान बनाने वाली आशा भोसले आज अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही हैं. जानिए उनके जीवन के बुरे दौर के बारे में…

Asha Bhosle: संगीत की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जो सिर्फ अपनी आवाज से नहीं बल्कि अपने संघर्ष से भी लोगों के दिलों में जगह बना लेते हैं. ऐसी ही एक कहानी है आशा भोसले की, जिनकी जिंदगी उतार-चढ़ाव, दर्द और हिम्मत से भरी रही है. बता दें, 11 अप्रैल 2026 शनिवार को आशा भोसले को अचानक कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल उनका इलाज इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज यूनिट (ICU) में चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. उन्होंने अपनी जिंदगी में काफी उतार चढ़ाव देखे. उनके आंखों के सामने उनके बेटे और बेटी की मौत हुई, जो उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था. 

कम उम्र में शुरू करना पड़ा काम

दरअसल, 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में जन्मीं आशा भोसले का बचपन संगीत के माहौल में बीता, लेकिन बहुत छोटी उम्र में ही उनके पिता दीनानाथ मंगेश्कर के निधन ने परिवार को झकझोर दिया. आर्थिक तंगी के चलते उन्हें और उनकी बहन लता मंगेश्कर को कम उम्र में ही काम शुरू करना पड़ा और पुणे से लेकर मुंबई तक का सफर संघर्षों के सहारे तय हुआ. महज 16 साल की उम्र में आशा भोसले ने अपने से काफी बड़े गणपतराव भोसले से शादी कर ली. इस फैसले ने परिवार में काफी विवाद खड़ा कर दिया और रिश्तों में दूरियां आ गईं. हालांकि समय के साथ सब ठीक हुआ, लेकिन उनकी शादीशुदा जिंदगी काफी मुश्किलों से भरी रही. 

पति का व्यवहार बेहद कठोर

बताया जाता है कि उनके पति का व्यवहार बेहद कठोर था, जिसकी वजह से उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से काफी तकलीफ झेलनी पड़ी. हालात इतने बिगड़ गए कि एक बार गर्भावस्था के दौरान उन्होंने आत्महत्या की कोशिश भी की, लेकिन बच गईं. आखिरकार 1960 में उन्होंने इस रिश्ते को खत्म कर दिया. बाद में उन्होंने संगीतकार आर डी बरमन से शादी की.

2012 में बेटी ने की आत्महत्या

जिंदगी के मुश्किल दौर यहीं खत्म नहीं हुए. साल 2012 में उनकी बेटी वर्षा भोसले ने आत्महत्या कर ली, जो उनके लिए सबसे बड़ा सदमा था. इसके कुछ साल बाद 2015 में उनके बेटे हेमंत भोसले का कैंसर से निधन हो गया. इतने दुख और संघर्ष के बावजूद आशा भोसले ने कभी हार नहीं मानी. उन्होंने अपने दर्द को अपनी आवाज में ढाला और आज भी वे संगीत जगत की सबसे महान गायिकाओं में गिनी जाती हैं.

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By Aniket kumar

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