आशा भोसले को दिल का दौरा, अस्पताल में भर्ती

Asha Bhosle: दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले को शनिवार शाम को दिल का दौरा पड़ने के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया.

Asha Bhosle: 92 वर्षीय गायक को फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं थीं. उनके स्वास्थ्य को लेकर अस्पताल की रिपोर्ट की अभी प्रतिक्षा है. दिग्गज गायिका दिवंगत लता मंगेशकर की छोटी बहन हैं.

आशा भोसले का आठ दशकों से अधिक का रहा है करियर

आशा भोसले भारतीय संगीत इतिहास की सबसे प्रसिद्ध पार्श्व गायिकाओं में से एक हैं. वे आठ दशकों से अधिक के अपने करियर और कई भारतीय भाषाओं में गीतों को अपनी आवाज दे चुकी हैं. उन्होंने फिल्मों और निजी एल्बमों के लिए गाने रिकॉर्ड किए हैं. भारत और विदेशों में लाइव प्रस्तुतियां दी हैं. संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें कई सम्मान और पुरस्कार मिले हैं.

पद्म विभूषण हैं आशा भोसले

इस महान गायिका को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. उन्हें 2008 में भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा गया था.

संगीत की दुनिया में आशा भोसले का सफर 1943 में शुरू हुआ

संगीत की दुनिया में आशा भोसले का सफर 1943 में शुरू हुआ और वे हिंदी सिनेमा की सबसे सफल गायिकाओं में से एक बन गईं. 2011 में, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने उन्हें संगीत इतिहास में सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने वाली कलाकार के रूप में मान्यता दी. भोसले के कुछ लोकप्रिय गानों में चुरा लिया है तुमने जो दिल को, अभी ना जाओ छोड़ कर, इंतहा हो गई इंतजार की आदि शामिल हैं.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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