नयी दिल्ली : अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा का मानना है कि महिलाएं लैंगिक पक्षपात के खिलाफ आवाज उठाने लगी हैं और दुनिया अभी भी महिलाओं की आवाज को पचा पाने में सक्षम नहीं है.
35 वर्षीय बॉलीवुड अभिनेत्री ने कहा कि ‘मी टू्’ और ‘टाइम्स अप’ जैसे अभियानों ने यह साबित कर दिया कि पूरे विश्व की महिलाएं चुनौतियों का सामना कर रही हैं और भारत भी इससे अलग नहीं है.
अभिनेत्री ने एक साक्षात्कार में कहा, लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण वैश्विक मुद्दे हैं. प्रत्येक देश के पास अपनी सांस्कृतिक समस्याएं हैं. लेकिन महिलाओं के स्वास्थ्य और उनके अधिकार का मुद्दा वैश्विक है.
मैं भारत और अमेरिका दोनों जगह रहती हूं. पूरे विश्व में महिलाएं समस्याओं का सामना कर रही हैं इसलिए हमारे पास ‘मी टू’ जैसे अभियान हैं. महिलाएं सामने आ रही हैं.
महिलाओं का बोलना अब भी दुनिया के लिए नया है. प्रियंका यूनिसेफ की गुडविल एंबेसडर हैं और वह अमेरिका से भारत यहां औपचारिक तौर पर 2018 पाटनर्स फोरम के बारे में लोगों को बताने के लिए आयी हैं. यह फोरम महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए काम करता है.
