आकांक्षा, शिखा अब प्रियंका, UPSC रिजल्ट में नाम का कंफ्यूजन क्यों?

UPSC CSE Result Name Confusion: सिविल सर्विस परीक्षा के रिजल्ट में इस बार काफी विवाद देखने को मिल रहा है. रिजल्ट आते ही पूरे देश में खुशी और उत्साह का माहौल बन जाता है. लेकिन इस साल भी ऐसा ही हुआ. पहले आकांक्षा सिंह के नाम को लेकर भ्रम, फिर शिखा और अब प्रियंका चौधरी का नाम सामने आया है.

UPSC CSE Result Name Confusion: इस बार यूपीएससी रिजल्ट जारी होने के बाद कई जगह एक ही नाम की वजह से लोगों ने जल्दीबाजी में अलग-अलग दावे कर दिए. यूपीएससी रिजल्ट (UPSC CSE Result) के ऑफिशियल PDF में कैंडिडेट्स के नाम के साथ रोल नंबर भी आता है. इसके बावजूद कैंडिडेट्स कैसे कंफ्यूज हो जा रहे हैं ये सोचने वाली बात है. आइए समझते हैं कि नाम को लेकर कंफ्यूजन कैसे हो जाता है.

सोशल मीडिया ने बढ़ाया कंफ्यूजन

आज के समय में रिजल्ट आते ही खबरें और पोस्ट तेजी से सोशल मीडिया पर फैलने लगती हैं. कई लोग बिना पूरी जानकारी जांचे ही किसी नाम को लेकर पोस्ट कर देते हैं. ऐसे में जब किसी टॉपर का नाम सामने आता है और उसी नाम के कई लोग अलग-अलग जगह रहते हैं, तो भ्रम बढ़ जाता है. लोग मान लेते हैं कि सफलता उसी व्यक्ति को मिली है जिसका नाम उनसे मिलता है.

UPSC CSE Result में एक जैसा नाम होना

भारत जैसे बड़े देश में लाखों लोगों के नाम एक जैसे होना आम बात है. UPSC CSE Result में भी यही स्थिति बनती है. रिजल्ट लिस्ट में उम्मीदवार का नाम और रोल नंबर दोनों दिए जाते हैं. लेकिन कई बार लोग सिर्फ नाम देखकर ही निष्कर्ष निकाल लेते हैं. ऐसा ही केस UPSC Rank 113 पर हुआ.

Upsc air 113 लाने वाली शिखा (बाएं) और बुलंदशहर की शिखा (दाएं)

UPSC रैंक 113 पर शिखा का नाम है. रिजल्ट जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर शिखा सिंह जो बुलंदशहर की रहने वाली हैं उनका नाम काफी वायरल होने लगा. शिखा के पिता चपरासी हैं तो इमोशनल एंगल से लोगों ने खूब शेयर किया. बाद में शिखा सिंह ने देखा कि 113 रैंक पर जिस शिखा का नाम है उनका रोल नंबर अलग है.

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अधूरी जानकारी के कारण

UPSC CSE Result आते ही कई जगह जल्दी खबर बनाने या पोस्ट करने की होड़ लग जाती है. कई बार पूरी जानकारी की पुष्टि किए बिना ही किसी नाम को टॉपर बता दिया जाता है. ऐसा ही मामला रैंक 79 पर हुआ. इस रैंक पर प्रियंका चौहान का नाम है. सोशल मीडिया पर यूपी के गाजीपुर की रहने वाली ड्राइवर की बेटी प्रियंका चौहान की फोटो वायरल होने लगीं.

Upsc air 79 लाने वाली रियल प्रियंका चौधरी (बाएं) और गाजीपुर की प्रियंका चौधरी (दाएं)

गाजीपुर की प्रियंका के पिता पेशे से ड्राइवर हैं ऐसे में उनकी स्टोरी को खूब वायरल किया गया. लेकिन कुछ समय के बाद ही क्लियर हो गया कि जिस प्रियंका चौहान की बात की जा रही है वो गाजीपुर की नहीं बल्कि बीकानेर की रहने वाली हैं. उनके पति मुकेश रेप्सवाल भी IAS हैं और हिमाचल प्रदेश के चंबा में पोस्टेड हैं.

प्रियंका चौधरी की डिटेल्स

प्रियंका चौधरी की पूरी डिटेल्स

प्रियंका चौधरी का पूरा केस जानने के लिए यहां क्लिक करें

मशहूर होने का लालच

सोशल मीडिया के जमाने में कुछ कैंडिडेट्स ऐसे हैं जो जानबूझकर मशहूर होने के लिए अपनी फोटो वायरल कराते हैं. जैसा कि बिहार की आकांक्षा सिंह के बारे में देखा गया. बिहार के आरा की रहने वाली आकांक्षा ने दावा किया कि UPSC CSE Result रैंक 301 पर उन्हीं का नाम है. जबकि, इस रैंक पर गाजीपुर की रहने वाली डॉ आकांक्षा सिंह का नाम था.

सोशल मीडिया पर इस रैंक को लेकर काफी चर्चाएं हुईं. अंत में UPSC ने पोस्ट शेयर कर यह क्लियर किया कि गाजीपुर की रहने वाली प्रियंका ही इस रैंक की असली हकदार हैं. UPSC ने नाम पता के साथ एक पोस्ट शेयर किया था.

बिहार का फर्जी IAS

आकांक्षा सिंह के अलावा बिहार के ही एक शख्स का विडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ. इस शख्स का नाम रंजीत कुमार है. रंजीत ने दावा किया कि UPSC CSE Result में उन्हें रैंक 440 प्राप्त हुआ है. इसके बाद पूर्व विधायक और थाना प्रभारी ने उन्हें सम्मानित भी कर दिया. डॉक्यूमेंट्स चेक हुआ तो रंजीत की सच्चाई सामने आई.

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Published by: Ravi Mallick

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से एजुकेशन जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं. एजुकेशन, करियर, जॉब, NEET, JEE, बैंकिंग, SSC, UPSC, UPPSC, BPSC और ICAI CA जैसी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है. फिलहाल वो प्रभात खबर डिजिटल की एजुकेशन टीम को लीड कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल, Times Network और अमर उजाला जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे यूजर के अनुसार तराशना भी जानते हैं. यही वजह है कि उनकी रिपोर्ट को IGNOU, JNU, IIT गुवाहाटी और NIT जालंधर जैसे संस्थानों ने भी शेयर किया है. रवि की पढ़ाई वाराणसी से हुई है. यहीं के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय (MGKVP) से उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए वो लखनऊ आ गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकल वेबसाइट के साथ काम किया. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के साथ रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. साल 2019 में ही अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. इसके बाद साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और यहां Career कैटेगरी की शुरुआत की. एजुकेशन की खबरों को कवर करते हुए JNU, DU, जामिया और IIT दिल्ली के कई इवेंट का हिस्सा रहे. रवि के करियर की गाड़ी आगे बढ़ी और साल 2024 में उन्हें Times Now Hindi में एजुकेशन टीम में सीनियर कंटेंट एडिटर का पोस्ट मिला. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं.

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