Shreya Jha Success Story: आमतौर पर लोग लॉ की पढ़ाई के बाद वकालत, कॉर्पोरेट लॉ फर्म या न्यायिक सेवाओं की तरफ जाते हैं, लेकिन इन छात्रों ने अलग रास्ता चुना और सिविल सेवा में जाने का फैसला किया. भागलपुर की रहने वाली श्रेया झा ने सिविल सर्विस का रास्ता चुना. श्रेया का यूपीएससी सफर काफी प्रेरणादायक है. आइए उनकी जर्नी (Shreya Jha Success Story) पर एक नजर डालते हैं.
Shreya Jha Success Story: कौन हैं श्रेया झा?
बिहार के भागलपुर और नवगछिया क्षेत्र से जुड़ी श्रेया झा ने UPSC 2025 में 357वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और इलाके का नाम रोशन किया है. श्रेया के पिता अभय कुमार दीपक एक्सिस बैंक में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हैं और फिलहाल नोएडा में रहते हैं. उनकी मां चेतना झा गृहिणी हैं. श्रेया दो बहनों में बड़ी हैं और उनकी छोटी बहन भी लॉ ग्रेजुएट हैं.
नानी के घर रहकर पढ़ाई
श्रेया की शुरुआती पढ़ाई काफी साधारण माहौल में हुई. बताया जाता है कि उन्होंने कुछ साल झंझारपुर में अपनी नानी के साथ रहकर पढ़ाई की. वहां उन्होंने पार्वती लक्ष्मी उच्च विद्यालय में शिक्षा हासिल की. उनके नाना प्रो उग्रदेव झा रिटायर्ड अंग्रेजी प्रोफेसर हैं, जबकि नानी मंजू झा भी रिटायर्ड शिक्षिका हैं. परिवार में शिक्षा का माहौल होने का फायदा भी श्रेया को मिला.
श्रेया झा ने धनबाद के माउंट कारमेल स्कूल से मैट्रिक पास किया. इसके बाद साल 2021 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली से लॉ की पढ़ाई पूरी की थी. ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू कर दी.
UPSC की तैयारी सिर्फ पढ़ाई नहीं बल्कि मानसिक संघर्ष भी होती है. श्रेया को उनके मेहनत का फल मिला. उन्होंने यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा रैंक 357 लाकर क्रैक कर लिया. उन्हें कुल 969 अंक प्राप्त हुए. श्रेया को लिखित परीक्षा में 774 और इंटरव्यू राउंड में 195 अंक मिले हैं.
यह भी पढ़ें: सक्सेस की हैट्रिक, पूजा ने PCS के बाद UPSC में गाड़ा झंडा
