NEET Success Story: नीट (NEET) देश की सबसे कठिन और परीक्षाओं में गिनी जाती है. हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही छात्रों को मिल पाती है. इस कठिन सफर में कई कहानियां ऐसी होती हैं, जो सिर्फ रिजल्ट नहीं बल्कि संघर्ष, मेहनत और हौसले की मिसाल बन जाती हैं. ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है सरफराज की, जिन्होंने आर्थिक तंगी और मजदूरी के बीच पढ़ाई जारी रखकर NEET में शानदार सफलता हासिल की.
दिहाड़ी मजदूरी करके पास की परीक्षा
कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों तो गरीबी भी सपनों का रास्ता नहीं रोक सकती. पश्चिम बंगाल के रहने वाले सरफराज ने यह बात सच साबित कर दिखाई. सरफराज आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते हैं. उन्होंने दिहाड़ी मजदूरी करते हुए नीट यूजी परीक्षा की तैयारी की.
रोज 200-400 ईंट उठाते थे सरफराज
सरफराज दिन में ईंट उठाते थे और रात में समय निकालकर पढ़ाई करते थे. वे हर दिन 200 से 400 ईंट उठाते थे और इससे मिलने वाले पैसों से परिवार की मदद करते थे. हालांकि, उन्होंने पढ़ाई का साथ नहीं छोड़ा. आखिरकार साल 2024 में सरफराज ने नीट यूजी परीक्षा में 720 में से 677 मार्क्स लाकर सफलता हासिल कर ली.
शिक्षक ने फोन देकर की मदद
सरफराज ने डॉक्टर बनने का सपना तो देख लिया. लेकिन उनके पास इतना पैसा नहीं था कि वे कोचिंग की महंगी फीस दे सकें. ऐसे में उन्होंने ऑनलाइन क्लासेज और स्मार्ट फोन की मदद ली. हालांकि, इसके लिए भी उनके पास अच्छा फोन नहीं था. सरफराज की गरीबी देखकर उनके एक शिक्षक ने अपना मोबाइल फोन उन्हें दिया. इस मोबाइल फोन की स्क्रीन टूटी हुई थी. लेकिन सरफराज के पास कोई और ऑप्शन नहीं था.
लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा
NEET 2024 में शानदार प्रदर्शन के बाद सरफराज को Nil Ratan Sircar Medical College and Hospital में MBBS में एडमिशन मिला. उनकी सफलता के बाद सोशल मीडिया पर उनकी कहानी काफी वायरल हुई. कई लोगों ने उनकी मेहनत और संघर्ष की सराहना की. उनकी सफलता लाखों नीट अस्पिरेंट के लिए मिसाल बन गई है.
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