इकलौती बेटी ने बढ़ाया मान, सोनांचल की श्रुति को UPSC में AIR 329

Shruti Ola Success Story: UPSC की परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है, लेकिन सोनांचल की बेटी श्रुति ओला ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और सही रणनीति से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है. श्रुति ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 329वीं रैंक हासिल की है.

Shruti Ola Success Story: उत्तर प्रदेश का सोनभद्र जिला जिसे सोनांचल भी कहा जाता है वहां से आने वाली श्रुति ओला ने इतिहास रच दिया है. ति ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 329वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार, क्षेत्र और पूरे जिले का नाम रोशन किया है. बेहद साधारण परिवार से आने वाली श्रुति ओला का सफर आसान नहीं था.

Shruti Ola Success Story: कौन है श्रुति ओला?

श्रुति ओला की शुरुआती पढ़ाई सेंट जोसेफ स्कूल, शक्तिनगर से हुई. उन्होंने यहीं से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की. इसके बाद उन्होंने Banaras Hindu University से इंग्लिश ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया. आगे चलकर उन्होंने University of Allahabad से LLB की पढ़ाई पूरी की.

घर की इकलौती बेटी

श्रुति अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और उन्होंने बताया कि उनकी सफलता के पीछे परिवार का बहुत बड़ा योगदान है. श्रुति का कहना है कि माता-पिता ने हर कदम पर उनका साथ दिया, जिससे तैयारी का सफर आसान हुआ.

श्रुति की UPSC Marksheet

लॉ बैकग्राउंड बना बड़ा फायदा

UPSC में श्रुति ने लॉ को अपना ऑप्शनल विषय चुना. उन्होंने बताया कि LLB करने की वजह से लॉ का सिलेबस उनके लिए जाना-पहचाना था, इसलिए इसे समझना और तैयार करना आसान रहा. खासकर Constitutional Law और International Law जैसे विषयों की तैयारी में उनके कानूनी बैकग्राउंड ने काफी मदद की. श्रुति ने बताया कि Bare Act, DD Basu की किताब और ऑनलाइन केस लॉ रिसोर्सेज ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया.

बेसिक मजबूत करने की सलाह

श्रुति ने UPSC की तैयारी कर रहे युवाओं को सलाह दी कि वे कोचिंग के पीछे भागने के बजाय अपने बेसिक्स मजबूत करें और नियमित पढ़ाई पर ध्यान दें. उन्होंने कहा कि यह परीक्षा लंबी तैयारी मांगती है, इसलिए धैर्य और अनुशासन बहुत जरूरी है. असफलता से घबराने के बजाय उससे सीखना चाहिए.

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Published by: Ravi Mallick

रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

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