IIT बॉम्बे से BTech, छोड़ी दिल्ली मेट्रो की जॉब, तुषार ने ऐसे क्रैक किया UPSC

Tushar Chauhan AIR 216: यूपीएससी परीक्षा में 216वीं रैंक हासिल करने वाले तुषार चौहान मूल रूप से हरिद्वार, उत्तराखंड के रहने वाले हैं. दिल्ली मेट्रो में सेक्शन इंजीनियर पोस्ट की नौकरी छोड़कर तुषार ने UPSC की तैयारी में जुट गए थे.

Tushar Chauhan AIR 216: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रहने वाले तुषार चौहान ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 216वीं रैंक हासिल की है. कड़ी मेहनत और संघर्ष करने के बाद अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी एग्जाम को पास कर लिया. आइए तुषार की इस सफलता की जर्नी को करीब से जानते हैं. 

Tushar Chauhan AIR 216: कौन है तुषार चौहान?

तुषार चौहान का परिवार मूल रूप से गांव से जुड़ा हुआ है. कभी उनका पूरा परिवार गांव में ही खेती-किसानी किया करता था. लेकिन तुषार के पिता अर्जुन चौहान ने कुछ अलग करने की सोची. उन्होंने पढ़ाई-लिखाई को महत्व दिया और गांव छोड़कर दिल्ली शिफ्ट हो गए. अर्जुन चौहान ने दिल्ली मेट्रो में बड़े पद पर और गुरुग्राम में लंबे समय तक प्रोजेक्ट मैनेजर (इलेक्ट्रिकल) के रूप में काम किया. पिता की इसी मेहनत और विजन का असर बेटे तुषार पर भी दिखा. 

कहां से की थी पढ़ाई?

तुषार (Tushar Chauhan AIR 216) का जन्म और उनकी शुरुआती परवरिश दिल्ली में ही हुई. उन्होंने अपनी इंटरमीडिएट (12वीं) तक की पढ़ाई एएसएन पब्लिक स्कूल, मयूर विहार, दिल्ली से पूरी की. तुषार बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में काफी तेज थे और हमेशा अपनी क्लास में अव्वल आते थे. स्कूलिंग पूरी करने के बाद उन्होंने देश के सबसे पॉपुलर इंस्टीट्यूट में से एक, आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) में एडमिशन लिया और वहां से बीटेक (BTech) की डिग्री हासिल की.

दिल्ली मेट्रो की नौकरी छोड़ चुनी मुश्किल राह

आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद तुषार को दिल्ली मेट्रो में सेक्शन इंजीनियर के पद पर नौकरी मिल गई. उन्होंने साल 2019 से 2022 तक नौकरी की. नौकरी अच्छी थी और करियर भी सेट था, लेकिन तुषार का सपना कुछ और ही था. वे प्रशासनिक सेवा में जाकर देश और समाज के लिए सीधे काम करना चाहते थे. अपने इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने दिल्ली मेट्रो की इस नौकरी को छोड़ दी और यूपीएससी की तैयारी में लग गए. 

Tushar Chauhan AIR 216: तीसरे प्रयास में मिली सफलता 

नौकरी छोड़ने के बाद तुषार पूरी तरह से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गए. बिना किसी भटकाव के, पूरी लगन, अनुशासन और कड़े टाइम टेबल के साथ उन्होंने पढ़ाई की. शुरुआत के दो प्रयासों में असफल हुए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. अपनी कमियों को सुधारा और आखिरकार अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी का एग्जाम क्रैक कर लिया. इस परीक्षा में उन्हें देश भर में 216वीं रैंक मिली है.

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लेखक के बारे में

Published by: Smita Dey

स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.

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