Success Story of Anup Kumar: झारखंड के देवघर जिले के सारठ प्रखंड के ग्राम गोबरशाला में इन दिनों खुशी का माहौल है. गांव के रहने वाले अनुप कुमार (JPSC Topper Anup Kumar) का चयन झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) की परीक्षा के जरिए खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी यानी Food Safety Officer के पद पर हुआ है.
एक छोटे से गांव से निकलकर सरकारी अधिकारी बनना आसान नहीं होता. लेकिन अनुप ने यह साबित कर दिया कि अगर मेहनत और लगन हो तो गांव की मिट्टी से भी बड़े सपने पूरे हो सकते हैं. उनकी सफलता की खबर जैसे ही गांव पहुंची, हर तरफ बधाई और खुशी का माहौल बन गया.
बड़े पापा का भरोसा बना सबसे बड़ी ताकत
अनुप की इस सफलता के पीछे सिर्फ उनकी मेहनत ही नहीं, बल्कि उनके बड़े पापा भरत मेहरा का भरोसा और मार्गदर्शन भी रहा. परिवार वाले बताते हैं कि बड़े पापा हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करते थे.
कई बार जब तैयारी मुश्किल लगती थी तो वही उन्हें हिम्मत देते थे और कहते थे कि मेहनत करते रहो, एक दिन जरूर सफलता मिलेगी. अनुप भी बताते हैं कि अगर बड़े पापा का साथ और विश्वास नहीं मिलता तो शायद यह मुकाम हासिल करना इतना आसान नहीं होता.
माता-पिता का मिला सपोर्ट
अनुप कुमार गांगु मेहरा और सुलोचना देवी के बेटे हैं. माता-पिता ने हमेशा अपने बेटे की पढ़ाई को सबसे ज्यादा महत्व दिया. गांव में रहते हुए भी उन्होंने बेटे को आगे बढ़ने का पूरा मौका दिया. परिवार का सपना था कि उनका बेटा एक दिन बड़ा अधिकारी बने और समाज के लिए कुछ अच्छा करे.
Success Story of Anup Kumar: नौकरी के साथ जारी रखी तैयारी
दिलचस्प बात यह है कि अनुप अभी बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में प्रोजेक्ट फेलो के रूप में काम कर रहे हैं. नौकरी के साथ-साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी. कई बार थकान और जिम्मेदारियां भी सामने आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी.
Food Safety Officer बनने के बाद अनुप की जिम्मेदारी होगी कि लोगों तक सुरक्षित और स्वच्छ भोजन पहुंचे. वे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करेंगे और लोगों को भी जागरूक करेंगे.
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