UPSC में रैंक 1 लाकर बनीं IAS
प्रयागराज की रहने वाली शक्ति दुबे ने साल 2024 की यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा को ऑल इंडिया रैंक 1 लाकर क्रैक किया था. इसके बाद उन्हें होम कैडर और IAS सर्विस मिला है. उनकी इस सफलता के पीछे एक लंबा संघर्ष रहा है. (Image: Instagram)
साइंस छोड़कर अपनाया आर्ट्स का रास्ता
शक्ति दुबे ने बायोकेमिस्ट्री से पढ़ाई की थी, जो कि पूरी तरह से साइंस का सब्जेक्ट है. लेकिन यूपीएससी के लिए उन्होंने 'पॉलिटिकल साइंस' (PSIR) को चुना. एक प्योर साइंस की स्टूडेंट होने के बावजूद शक्ति ने राजनीति और इंटरनेशनल रिलेशंस जैसे भारी-भरकम सब्जेक्ट को न सिर्फ समझा बल्कि उसमें पूरे देश में टॉप भी किया. (Image: Instagram)
BHU कैंपस ने दिखाया सपना
शक्ति दुबे के पिता यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं. एक इंटरव्यू में वो बताती हैं कि बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के कैंपस ने उन्हें यूपीएससी का सपना दिखाया था. कैंपस में होने वाली स्टूडेंट्स की डिबेट्स और देश के मुद्दों पर चर्चाओं ने शक्ति को यूपीएससी के लिए मोटिवेट किया. (Image: Instagram)
7 साल की तपस्या
शक्ति दुबे का सफर कोई एक-दो दिन का नहीं बल्कि पूरे 7 साल लंबा था. कई असफलताएं देखने के बाद भी शक्ति दुबे पूरी तरह टूटी नहीं बल्कि अगले प्रयास के लिए उसी जोश के साथ तैयारी में लग गईं. (Image: Instagram)
मां की एक बात ने डूबती नैया पार लगा दी
लगातार तीन बार UPSC प्रीलिम्स भी न निकले और चौथी बार UPSC मेन्स देकर आप सिर्फ 2 नंबरों से चूक जाने के बाद शक्ति दुबे पूरी तरह टूट चुकी थीं. तब उनकी मां ने उनसे सिर्फ एक बात कही थी, "कभी भी खुद से झूठ मत बोलना." मां के इसी भरोसे ने उन्हें पांचवें प्रयास के लिए खड़ा किया. (Image: Instagram)
