Success Story IAS Ayushi Pradhan: UPSC सिविल सर्विस परीक्षा का नाम सुनते ही अच्छे अच्छों के पसीने छूट जाते हैं. सालों की मेहनत, कई बार की असफलता और फिर भी कोई गारंटी नहीं. ऐसे में जब कोई लड़की इस परीक्षा को दो बार पास कर ले, वो भी बिना कोचिंग, तो कहानी अपने आप खास बन जाती है. ओडिशा के भुवनेश्वर की आयुषी प्रधान ने यही कर दिखाया है. आइए उनकी जर्नी (Success Story) को करीब से देखते हैं.
Success Story IAS Ayushi Pradhan: कौन हैं आयुषी प्रधान?
आयुषी प्रधान ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से ताल्लुक रखती हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई भी यहीं से हुई. बेहद साधारण परिवार में पली बढ़ी आयुषी शुरू से ही पढ़ाई में काफी अव्वल रही हैं. वो डॉक्टर बनना चाहती थीं.
डॉक्टर बनने का सपना
12वीं के बाद आयुषी का सपना डॉक्टर बनने का था. उन्होंने NEET की तैयारी की, लेकिन सफलता नहीं मिली. यह उनके लिए बड़ा झटका था. इसके बाद उन्होंने हालात को स्वीकार किया और BTech में एडमिशन ले लिया. उन्होंने कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग से ग्रेजुएशन पूरा किया.
IAS आयुषी प्रधान ने शेयर की जर्नी
MBA और प्राइवेट जॉब
इंजीनियरिंग के बाद आयुषी ने MBA किया. उस समय उनके मन में UPSC जैसी कोई योजना नहीं थी. वह पूरी तरह से कॉरपोरेट करियर पर फोकस कर रही थीं. MBA पूरा होते ही उन्हें एक प्राइवेट कंपनी में अच्छी नौकरी मिल गई. जिंदगी सही ट्रैक पर लग रही थी.
एक इंटरव्यू में आयुषी बताती हैं कि एक दिन वो अपनी मां के साथ NGO के काम से एक गांव पहुंचीं. वहां लोगों की परेशानियां देखकर उन्हें लगा कि सिस्टम के अंदर जाकर बदलाव करना ज्यादा जरूरी है. यही वो पल था जब उन्होंने बड़ा फैसला लिया. उन्होंने नौकरी छोड़ी और UPSC की तैयारी शुरू कर दी.
IAS बनने का सपना पूरा
आयुषी ने UPSC की तैयारी के लिए किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया. उन्होंने खुद सिलेबस समझा, किताबें चुनीं और रोजाना पढ़ाई की आदत बनाई. पहले प्रयास में आयुषी मेंस पास हो गईं लेकिन इंटरव्यू में सफलता (Success Story IAS Ayushi Pradhan) हासिल नहीं हो पाई.
यूपीएससी के दूसरे अटेम्प्ट में आयुषी को रैंक 334 मिला था और वो IDES कैडर के लिए चुनी गईं. इसके बाद तीसरे प्रयास में उन्हें रैंक 36 मिला और वो IAS बन गईं. आयुषी प्रधान ने महज 26 साल की उम्र में दो बार यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा क्रैक किया है.
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