Success Story: राजस्थान के रामलाल भोई ने कई सारी चुनौतियों के बाद नीट परीक्षा पास की. बाल विवाह के बाद उनके घर वालों ने पढ़ाई करने के लिए मना कर दिया था. लेकिन रामलाल के अंदर पढ़ाई को लेकर जुनून था. ऐसे में उन्होंने घर छोड़ दिया. नीट परीक्षा के पहले 4 अटेंप्ट में असफल हो गए. लेकिन हार नहीं मानी और आखिरकार सफलता हासिल कर ली.
पढ़ाई के लिए छोड़ दिया घर
रामलाल राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले हैं. उनके घर में पढ़ाई का मौहाल नहीं था. जब वे 11 साल के थे, तब उनकी शादी कर दी गई थी. घर वाले नहीं चाहते थे कि वे आगे पढ़ाई करें. ऐसे में रामलाल ने घर छोड़ दिया.
पहले 3 अटेंप्ट सेल्फ स्टडी के दम पर दिया
रामलाल ने 10वीं बोर्ड की पढ़ाई अपने गांव के सरकारी स्कूल से की. 10वीं में उन्होंने 74 प्रतिशत मार्क्स हासिल किया था. इसके बाद 11वीं में रामलाल ने साइंस विषय लिया और NEET की तैयारी शुरू कर दी. पहले 3 अटेंप्ट में उन्होंने सेल्फ स्टडी पर भरोसा जताया और खुद से पढ़ाई की.
घर वालों ने बनाया प्रेशर
बार-बार असफल होने के बाद घर वालों ने उन पर पढ़ाई छोड़ने का प्रेशर बनाया. घर वाले चाहते थे कि वे पढ़ाई छोड़कर घर के खर्च के लिए कुछ कमाना शुरू करें. हालांकि, उनके डेडिकेशन को देखकर घर वालों ने भी बाद में सपोर्ट किया और रामलाल भोई कोटा चले गए.
चौथे प्रयास में पाई सफलता
कोटा में कोचिंग की पढ़ाई ने रामलाल भोई को मार्क्स इंप्रूव करने में मदद की. जहां वे अपने पिछले तीन अटेंप्ट में क्वालिफाइंग मार्क्स से बहुत पीछे थे. वहीं अपने चौथे प्रयास में 2023 में चौथे अटेंप्ट में उनका स्कोर 632 था. 2019 से 2023 तक, लंबे प्रयास और कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार रामलाल ने वो हासिल कर लिया, जिसका वे सपना देखते थे. NEET UG की परीक्षा पास करते-करते, केवल 20 साल की उम्र में, रामलान भोई पति से पिता बन गए थे. लेकिन उन्होंने अपने सपनों को हासिल करने की जंग भी जीत ली.
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