Nepal First Female Helicopter Pilot: बाढ़ से नेपाल के लोगों की हालत खराब है. इस बुरे वक्त में अपनी जान की बाजी लगाकर कई सारी चुनौतियों के बीच, एक महिला अधिकारी ने लोगों की मदद की. 40 वर्षीय प्रिया अधिकारी ऐसी ही महिला हैं, जिन्होंने बाढ़ के दौरान लगातार 6 दिनों तक रेस्क्यू ऑपरेशन में हिस्सा लेकर सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद की. सोशल मीडिया पर चारों तरफ उनकी चर्चा हो रही है. ऐसे में आइए, जानते हैं कि प्रिया अधिकारी कौन हैं.
6 दिनों में किए 100 फ्लड रेस्क्यू ऑपरेशन
कैप्टन प्रिया अधिकारी नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट हैं. उन्होंने नेपाल में बाढ़ के दौरान लगातार 6 दिनों तक हेलीकॉप्टर रेस्क्यू मिशन चलाया. इस दौरान उन्होंने करीब 100 फ्लड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. आपदा में फंसे लोगों तक पहुंचना और उन्हें सुरक्षित स्थान तक निकालना आसान काम नहीं था, लेकिन प्रिया ने मुश्किल परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई.
कौन हैं नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर अधिकारी?
प्रिया अधिकारी को नेपाल (Nepal News) की पहली महिला हेलीकॉप्टर अधिकारी हैं. उनके लिंक्डइन प्रोफाइल से मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने त्रिभुवन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई Environmental Science से पढ़ाई की है. इसके बाद Heli Everest संस्थान से हेलीकॉप्टर उड़ाना सिखा. हालांकि, उनका सफर सीधे हेलीकॉप्टर उड़ाने से शुरू नहीं हुआ था. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत केबिन क्रू के तौर पर की थी.
केबिन क्रू से हेलीकॉप्टर अधिकारी तक का सफर
केबिन क्रू से एविएशन की दुनिया में कदम रखना प्रिया अधिकारी के लिए इतना आसान नहीं था. उनकी मेहनत और करियर को नई दिशा की चाह ने उन्हें इस खास रोल तक पहुंचाया है. एविएशन सेक्टर में एंट्री रखने के बाद प्रिया अधिकारी ने हेलीकॉप्टर उड़ाना सिखा.
आपदा के समय बनीं लोगों की उम्मीद
बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान हेलीकॉप्टर रेस्क्यू बेहद चुनौतीपूर्ण होता है. खराब मौसम और मुश्किल परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू टीम को तेजी से फैसले लेने पड़ते हैं. प्रिया ने लगातार छह दिनों तक ऑपरेशन (6 Days Rescue Operation in Nepal) में शामिल रहकर दिखाया कि हिम्मत और जिम्मेदारी के साथ मुश्किल से मुश्किल हालात का सामना किया जा सकता है.
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करीब 6,000 फीट तक चला चुकी हैं रेस्क्यू मिशन
प्रिया अधिकारी ने इससे पहले भी कई मुश्किल रेस्क्यू मिशन चलाया. वे हिमालय के दुर्गम इलाकों में कई सर्च-एंड-रेस्क्यू ऑपरेशन का हिस्सा रह चुकी हैं. प्रिया हिमालय में करीब 6,200 मीटर की ऊंचाई तक रेस्क्यू मिशन पूरा कर चुकी हैं.
रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना क्यों होता है मुश्किल?
रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना हर तरह से चुनौतीपूर्ण होता है. हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पायलट्स को दूसरे पायलट्स के साथ तालमेल बिठाना होता है. मौसम में तेजी से बदलाव के कारण पायलट्स के लिए सर्च ऑपरेशन चलाना मुश्किल होता है.
Institute of Mountain Emergency Medicine के पूर्व प्रमुख Hermann Brugger जोकि पहाड़ों में कई रेस्क्यू ऑपरेशन का हिस्सा रह चुके हैं, उनका मानना है कि दुर्गम पहाड़ी इलाका, तेजी से बदलता मौसम और ऊंचाई पर लो एयर प्रेशर के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना बहुत मुश्किल होता है.
