Khushboo Patil: आज के समय में देश की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बना रही हैं. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की रहने वाली खुशबू पाटिल ने. Khushboo Patil ने पढ़ाई-लिखाई के बाद एक बड़े शहर की चकाचौंध और लाखों रुपये के पैकेज वाली नौकरी को अलविदा कह दिया. खुशबू का मकसद सिर्फ खुद पैसा कमाना नहीं था, बल्कि वो अपने इलाके के लोगों के लिए कुछ बड़ा करना चाहती थीं. आज वो अपने गांव लौटकर एक कामयाब बिजनेसवुमन बन चुकी हैं.
Khushboo Patil: मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी और 8 लाख का पैकेज
खुशबू पाटिल बुरहानपुर के बोसरल गांव की रहने वाली हैं. उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद एमबीए की डिग्री ली. इसके बाद उन्हें एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी भी मिल गई, जहां उनका सालाना पैकेज करीब 7 से 8 लाख रुपये का था. करियर के लिहाज से सब कुछ बहुत बढ़िया चल रहा था.
लेकिन इस नौकरी के दौरान खुशबू के मन में हमेशा एक बात चलती रहती थी कि उन्हें अपने क्षेत्र और वहां के लोगों के लिए कुछ करना है. वो स्थानीय लोगों को रोजगार के नए मौके देना चाहती थीं. इसी सोच के साथ उन्होंने लाखों की नौकरी छोड़ दी और वापस अपने गांव आ गईं.
बोसरल गांव की पहली केला चिप्स फैक्ट्री
गांव लौटने के बाद Khushboo Patil ने कुछ अलग करने की ठानी. बुरहानपुर और उसके आस-पास के इलाके केले की खेती के लिए पूरे देश में फेमस हैं. खुशबू ने इसी ताकत को पहचाना और अपने गांव में केला चिप्स बनाने की एक फैक्ट्री डाल दी. खुशबू अपने पूरे गांव की पहली ऐसी बेटी हैं, जिसने इस तरह का स्टार्टअप या फैक्ट्री शुरू करने की हिम्मत दिखाई है. अपनी एमबीए की पढ़ाई और बिजनेस की समझ का उपयोग वो अब अपने इस काम को आगे बढ़ाने में कर रही हैं.
क्या है ‘MP 68’ ब्रांड की कहानी?
खुशबू ने अपने इस नए बिजनेस और प्रोडक्ट को एक बड़ा ही अनोखा नाम दिया है, जो है ‘MP 68’. बुरहानपुर जिले में करीब 25000 हेक्टेयर जमीन पर केले की पैदावार होती है. इतनी बड़ी मात्रा में केले की खेती होने की वजह से खुशबू की फैक्ट्री को सबसे जरूरी चीज यानी कच्चा माल (Raw Material) बहुत ही आसानी से और सीधे किसानों से मिल जाता है. इससे स्थानीय किसानों को भी फायदा हो रहा है और खुशबू को भी सही दाम पर अच्छी क्वालिटी के केले मिल जाते हैं.
महाराष्ट्र तक है ‘MP 68’ बनाना चिप्स की सप्लाई
खुशबू की फैक्ट्री में बने केला चिप्स की डिमांड बाजार में धीरे-धीरे बहुत तेजी से बढ़ रही है. लोगों को इन चिप्स का स्वाद और क्वालिटी इतनी पसंद आ रही है कि लोग खुद चलकर उनके पास आते हैं और थोक में ऑर्डर दे रहे हैं. फिलहाल खुशबू अपने इस ‘MP 68’ ब्रांड के चिप्स की सप्लाई पूरे बुरहानपुर जिले के साथ-साथ पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के भी कई अलग-अलग जिलों में कर रही हैं. इस बिजनेस से अब उनकी बहुत अच्छी खासी कमाई भी होने लगी है.
50 से ज्यादा स्थानीय लोगों को रोजगार देने का है लक्ष्य
खुशबू (Khushboo Patil Burhanpur) का यह बिजनेस सिर्फ खुद के फायदे के लिए नहीं है, बल्कि इसके पीछे समाज को आगे बढ़ाने की एक सोच है. अभी उनकी इस फैक्ट्री में गांव के ही 8 से 10 लोगों को सीधा रोजगार मिला हुआ है, जिससे उनके परिवारों को मदद मिल रही है.
खुशबू का अगला लक्ष्य अपने इस काम को बहुत बड़े स्तर पर ले जाना है. वह चाहती हैं कि आने वाले समय में वह अपनी इस फैक्ट्री के जरिए इलाके के कम से कम 50 से अधिक लोगों को नौकरी दे सकें, ताकि वहां के युवाओं को काम के लिए कहीं और न जाना पड़े.
बुरहानपुर से विदेशों तक एक्सपोर्ट का है सपना
एक छोटे से गांव से शुरू हुआ Khushboo Patil का यह सफर अब बड़े सपनों की उड़ान भरने के लिए तैयार है. खुशबू का अंतिम लक्ष्य बुरहानपुर के इन बेहतरीन केला चिप्स को सिर्फ भारत के कोने-कोने तक ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुंचाना है. वो अपने ब्रांड को इंटरनेशनल लेवल पर एक्सपोर्ट करने की तैयारी में जुट गई हैं.
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